2029 से पहले देश के कई राज्यों में लागू होगा UCC? अचानक देश में क्यों हुई चर्चा तेज, अमित शाह के बयान से विपक्ष की बढ़ी बेचैनी

कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि UCC पर JDU कि विचारधाना स्पष्ट रही है। बिहार में विद्रोह के स्वर उभर रहे हैं। रामविलास पासवान की पार्टी ने यहां तक कह दिया है कि यूसीसी जब आएगा तो हम उसे देखेंगे।

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UCC पर अचानक क्यों तेज हुई सियासत
UCC पर अचानक क्यों तेज हुई सियासत | Image: ANI

देश की सियासत में समान नागरिक संहिता (Uniform civil Code) यानी UCC बड़ा मुद्दा रहा है। हर चुनावों के समय ये मुद्दा गरमा जाता है। अब गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान के बाद देश में यूसीसी लागू होने की चर्चा जोरों पर है। जबकि अमित शाह के उस बयान के बाद विपक्ष पूरी तरह से हमलावर हो गया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल जेडीयू के बयान को विपक्ष हवा दे रहा है।

अमित शाह ने UCC पर क्या कहा?

देश के गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हमने कई राज्यों में समान नागरिकता संहिता (UCC) लागू किया है और मुझे उम्मीद है कि भाजपा शासित 21 राज्यों में अगले आम चुनाव यानी 2029 से पहले यूसीसी लागू किया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष गोलबंद हो गया और भाजपा पर हमलावर हो गया।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर बोला हमला

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस के कई नेताओं समेत उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा कि जनता समझ रही है भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दहअसल उसका फुल फॉर्म कुछ और ही है। उन्होंने लिखा पहले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ।

उमर अब्दुल्ला ने यूसीसी पर क्या कहा?

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने पर कहा कि हमारे राज्य सभा के सांसद शम्मी ओबेरॉय ने कहा है कि यह करना संसद का काम है। आप अलग-अलग रियासतों से क्यों कर रहे हैं। इनके NDA में इससे हर कोई सहमत नहीं है। JDU ने सीधा हाथ ऊपर कर लिए हैं और कहा है कि यह बिहार में लागू नहीं होगा। जब इनके खुद के लोग UCC के लिए तैयार नहीं हैं तो ये लोग कैसे कह सकते हैं कि यह पूरे देश में लागू होना चाहिए। मुझे नहीं लगता है कि ये लोग संसद में इसे पास कर पाएंगे।

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UCC पर NDA के सहयोगी जेडीयू ने क्या कहा?

JDU नेता  राजीव रंजन ने UCC को लेकर कहा कि UCC के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा जल्द ही बातचीत करेंगे। इस संबंध में खुद उन्होंने यह जानकारी दी है।

असदुद्दीन ओवैसी को हुई मुसलमानों की चिंता

AIMIM सुप्रीमों असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 के खिलाफ है। आप धर्म की स्वतंत्रता को खत्म करके इस तरह का कानून लागू नहीं कर सकते हैं। 

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इससे पहले भी अपने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट पर ओवैसी कह चुके हैं कि BJP समानता के लिए UCC नहीं ला रही है। वह UCC सिर्फ़ उन राज्यों में ला रही है जहां उसकी सरकार है, ताकि भारत के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाया जा सके।

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने साधा निशाना

कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि UCC पर JDU कि विचारधाना स्पष्ट रही है। बिहार में विद्रोह के स्वर उभर रहे हैं। रामविलास पासवान की पार्टी ने यहां तक कह दिया है कि यूसीसी जब आएगा तो हम उसे देखेंगे।

भारतीय जनता पार्टी क्या चाहती है?

बीपेजी का मानना है कि देश में वन नेशन, वन लॉ लागू होना चाहिए। धर्म के आधार पर अलग-अलग सिविल कानून देश में विभाजन पैदा करते हैं। एक समान कानून से सभी नागरिकों के लिए समानता सुनिश्चित होगी। भारतीय जनता पार्टी का तर्क है कि अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ (विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने आदि) महिलाओं के साथ भेदभाव करते हैं। अब देखना होगा कि अमित शाह के इस दावे के बाद 2029 से पहले कितने प्रदेशों में यूसीसी लागू हो पाता है। 

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Published By:
 Sujeet Kumar
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