'हमारे बीच कोई मतभेद नहीं और न आगे होगा...', ब्रेकफास्ट के बाद डीके शिवकुमार और CM सिद्धारमैया की ज्वाइंट PC, जानें क्या-कुछ कहा
CM सिद्धारमैया ने कहा कि न तो हमारे बीच अब कोई मतभेद है और न ही भविष्य में होगा। वहीं शिवकुमार ने कहा कि हाईकमान जो भी कहेगा हम उसका पालन करेंगे।
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CM Siddaramaiah DK Shivakumar: कर्नाटक में सीएम कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आज साथ ब्रेकफास्ट किया। ब्रेकफास्ट के बाद दोनों नेताओं ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान CM सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि उनके और शिवकुमार के बीच कोई मतभेद नहीं हैं।
CM सिद्धारमैया ने कहा कि न तो हमारे बीच अब कोई मतभेद है और न ही भविष्य में होगा। वहीं शिवकुमार ने कहा कि हाईकमान जो भी कहेगा हम उसका पालन करेंगे। कोई ग्रुप नहीं है। मैं सीएम के साथ हूं। हम कर्नाटक के विकास को प्राथमिकता देंगे।
हाईकमान जो कहेगा, हम मानेंगे- CM सिद्धारमैया
डीके शिवकुमार के साथ ब्रेकफास्ट के बाद CM सिद्धारमैया ने कहा, ‘जहां तक मुझे पता है, कुछ MLA मंत्री बनना चाहते हैं, इसलिए वे हाईकमान से मिलने गए होंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि वे नेतृत्व के खिलाफ हैं। उनमें से कुछ ने मुझसे बात की और बताया कि वे दिल्ली क्यों गए थे। हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसे मानेंगे।’
'BJP-JDS को झूठे आरोप लगाने की आदत'
उन्होंने आगे कहा, 'BJP और JDS को झूठे आरोप लगाने की आदत है। BJP और JDS ने बयान दिया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। उनके पास सिर्फ़ 60 विधायक हैं, और JDS के पास 18 हैं। वे हमारी संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते। हमारे पास 140 विधायक हैं। यह एक बेकार की कोशिश है। हम उनके झूठे आरोपों का सामना करेंगे।'
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हमने तय किया है कि हाईकमान जो भी कहेगा, हम मानेंगे। कल से कोई असमंजस नहीं होगा। अभी भी कोई असमंजस नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्टर्स ने असमंजस पैदा किया है।'
हम पार्टी के वफादार सिपाही- शिवकुमार
वहीं डीके शिवकुमार ने कहा, 'जहां तक नेतृत्व की बात है, हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानते हैं। वह जो भी कहते हैं, वह हमारा फैसला है। हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं। हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है। लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार दोहराएंगे और मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे।'
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उन्होंने आगे कहा, 'हमने मिलकर काम किया है। कर्नाटक के लोगों ने हमें भारी बहुमत दिया है। कर्नाटक के लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करना हमारी ज़िम्मेदारी है। आज हमने 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति और विपक्ष से कैसे निपटना है, इस पर चर्चा की। वे कई मुद्दे उठाने की कोशिश कर सकते हैं। हम जवाब देने के लिए तैयार हैं।'
हाईकमान के आदेश के बाद हुई मुलाकात
बता दें कि दोनों नेताओं की यह मुलाकात हाईकमान के आदेश के बाद हुई है। पिछले कुछ दिनों से दोनों गुटों के कार्यकर्ता अपने-अपने नेता को सीएम पद पर देखने की मांग रख रहे हैं। 2023 के चुनाव के बाद कथित 2.5 साल के पावर शेयरिंग फॉर्मूले पर डील हुई थी। हालांकि सीएम सिद्धारमैया इसे नकारते रहे हैं।