विधायकों को किया गायब, दिया फर्जी समर्थन पत्र...थाने पहुंच दिनाकरन ने विजय पर लगाए गंभीर आरोप; तमिलनाडु में CM पोस्ट पर मचा संग्राम
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रहे सस्पेंस के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। एएमएमके के टीटीवी दिनाकरन ने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) पर फर्जी समर्थन पत्र जमा करने का गंभीर आरोप लगाया है।
- भारत
- 3 min read

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रहे सस्पेंस के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। एएमएमके के टीटीवी दिनाकरन ने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) पर फर्जी समर्थन पत्र जमा करने का गंभीर आरोप लगाया है। दिनाकरन ने इसे जालसाजी बताते हुए चेन्नई के गुइंडी थाने में टीवीके के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है।
एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर को एक पत्र सौंपा दिनाकरन ने दावा किया कि टीवीके का समर्थन करने वाला पत्र सौदेबाजी और जालसाजी का मामला है। उन्होंने कहा कि एएमएमके के एकमात्र विधायक कामराज एस, एनडीए और एआईएडीएमके को समर्थन करेंगे। दिनाकरन ने एआईएडीएमके के एडप्पाडी के पलानीस्वामी को सीएम पद के लिए समर्थन दिया और उन्हें गठबंधन का सही उम्मीदवार बताया।
टीवीके का पलटवार
विजय की पार्टी टीवीके ने दिनाकरन के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने एएमएमके विधायक एस. कामराज का एक वीडियो जारी किया, जिसमें कामराज विजय को समर्थन देते नजर आ रहे हैं। टीवीके ने दावा किया है कि कामराज का समर्थन दिनाकरन की सहमति से ही लिया गया था। पार्टी ने कहा कि हमें किसी से बार्गेनिंग या नेगोशिएशन की जरूरत नहीं है।
Advertisement
विजय पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप
इससे पहले दिनाकरन ने विजय पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था और अपने विधायक कामराज के “लापता” होने की शिकायत राज्यपाल से की थी। आधी रात के बाद दिनाकरन कामराज को साथ लेकर राजभवन पहुंचे और एआईएडीएमके के समर्थन वाला पत्र सौंपा।
Advertisement
तमिलनाडु में विधायकों का आंकड़ा
TVK, जिसने 108 सीटें जीती हैं, ने 234 सीटों वाली विधानसभा में 118 सीटों का जादुई आंकड़ा छूने के लिए कई छोटे गुटों से समर्थन मांगा है। CPI और CPI(M)—जिनके पास दो-दो सीटें हैं, और कांग्रेस, जिसके पास पांच सीटें हैं, ने पहले ही विजय के नेतृत्व वाली TVK को अपना समर्थन दे दिया था, ताकि पारंपरिक द्रविड़ DMK-AIADMK की दो-दलीय व्यवस्था से हटकर एक बदलाव की ओर बढ़ा जा सके।