गृहमंत्री अमित शाह की एस जयशंकर और NSA अजित डोभाल के साथ की बैठक, तहव्वुर राणा के पहुंचने के समय में बदलाव!

केंद्र सरकार की एक बहु-एजेंसी टीम पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को भारत लाने के लिए पहले से ही अमेरिका में मौजूद है।

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गृहमंत्री अमित शाह की एस जयशंकर और NSA अजित डोभाल के साथ की बैठक, तहव्वुर राणा के पहुंचने के समय में बदलाव! | Image: PTI/ Republic

Tahawwur Rana Extraction: मुंबई 26/11 आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पहले यह सूचना थी कि वह बुधवार देर रात या गुरुवार सुबह भारत पहुंचेगा, लेकिन अब जानकारी के अनुसार वह गुरुवार दोपहर तक भारत पहुंचने की संभावना है। राणा के भारत आने से पहले हलचल तेज हो गई है और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। इस कड़ी में, बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के बाद की रणनीति पर चर्चा करना था।


बैठक के दौरान खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद थे। हालांकि, बैठक में हुई चर्चाओं के बारे में विशेष जानकारी साझा नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान अमेरिका द्वारा राणा को भारत प्रत्यर्पित करने से जुड़ी खबरों के मद्देनजर इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई। यह बैठक सुरक्षा और कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राणा का भारत लाया जाना 26/11 हमले के न्यायिक निर्णय के लिए एक अहम कदम हो सकता है।


भारत में NIA की कस्टडी में जाएगा राणा

केंद्र सरकार की एक बहु-एजेंसी टीम पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को भारत लाने के लिए पहले से ही अमेरिका में मौजूद है। राणा को भारत प्रत्यर्पित कर यहां लाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि उस पर 26/11 मुंबई हमलों के मामले में मुकदमा चलाया जा सके। सूत्रों के अनुसार, राणा को दिल्ली लाए जाने की संभावना है, जहां वह प्रारंभ में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की हिरासत में रहेगा। NIA कानूनी औपचारिकताएं पूरी करेगा और मामले की जांच में आगे की कार्रवाई करेगा। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि राणा को नियमित उड़ान से लाया जाएगा या उसे विशेष विमान के माध्यम से भारत लाया जाएगा। गौरतलब है कि तहव्वुर राणा को अमेरिका के लॉस एंजिलिस के महानगर निरुद्ध केंद्र में रखा गया था। उसे पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा माना जाता है, जो 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था। राणा का प्रत्यर्पण भारत में आतंकवाद से जुड़े गंभीर मामलों की जांच और न्याय प्रक्रिया के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।

लश्कर-ए-तैयबा की मदद के आरोप में US में गिरफ्तार हुआ था राणा

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को लश्कर-ए-तैयबा को मदद करने के आरोप में अक्टूबर 2009 में शिकागो से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी 26/11 मुंबई हमलों के एक वर्ष बाद हुई थी। राणा पर आरोप था कि उसने कोपेनहेगन (डेनमार्क) के एक समाचार पत्र पर हमले की असफल योजना में सहायता की और लश्कर-ए-तैयबा को साजो-सामान की आपूर्ति की थी। यह गिरफ्तारी राणा की आतंकवाद से जुड़े जाल में उसकी संलिप्तता को उजागर करती है, जो 26/11 हमलों में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमेन हेडली से जुड़ा हुआ था। राणा की गिरफ्तारी से यह साबित हुआ कि वह आतंकवादी संगठनों को वैश्विक स्तर पर समर्थन प्रदान करने में सक्रिय था।

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड