'सपा की सीटें मैंने 45 से 111 तक पहुंचाई, लाभ तो...', अखिलेश यादव पर बिफरे स्वामी प्रसाद मौर्य

UP News : अखिलेश यादव और स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच की कलह खुलकर बाहर आ चुकी है। अखिलेश ने मौका परस्ती के आरोप लगाए तो मौर्य ने भी जोर का पलटवार किया।

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Akhilesh Yadav and Swami Prasad maurya
अखिलेश यादव और स्वामी प्रसाद मौर्य | Image: Facebook

Swami Prasad Maurya News : समाजवादी पार्टी के खिलाफ बगावत करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में सपा को 100 के पार सीटें उनकी बदौलत मिली हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य का ये जवाब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को था। वो इसलिए कि अखिलेश ने सोमवार को आरोप लगाए कि ऐसे कई लोग हैं, जो लाभ और फायदा लेकर निकल जाते हैं।

अखिलेश यादव के सवाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य कहते हैं, ‘2022 के पहले समाजवादी पार्टी की क्या स्थिति थी, सिर्फ 45 विधायक थे। मेरे आने के बाद 111 विधायक हुए। साढ़े 6 प्रतिशत वोट में वृद्धि हुई है। समाजवादी पार्टी को हमसे लाभ मिला है, मुझे समाजवादी पार्टी से लाभ नहीं मिला है।’

चुनाव आंकड़े क्या कहते हैं?

चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिलीं और उसका वोट प्रतिशत करीब 32.3 फीसदी रहा। इसके पहले 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव की पार्टी को 47 सीटों पर जीतकर आई थी। उस समय सपा को 22 प्रतिशत वोट हासिल हुआ है। आंकड़ों को देखें तो 2017 के मुकाबले 2022 में समाजवादी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया।

हालांकि अभी मौर्य दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सपा का जनाधार बढ़ाने का काम किया। 13 फरवरी को अखिलेश यादव को भेजे राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफे में भी मौर्य ने दावा किया कि उनसे प्रयासों से ही आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों का रुझान समाजवादी पार्टी की तरफ बढ़ा था।

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2022 में अपनी सीट नहीं बचा पाए थे मौर्य

यहां समझने वाले एक बात ये भी है कि सपा के इस प्रदर्शन का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे स्वामी प्रसाद मौर्य खुद 2022 में विधानसभा चुनाव में अपनी सीट पर हार गए थे। फाजिलनगर विधानसभा सीट से बीजेपी के सुरेंद्र कुशवाहा ने स्वामी प्रसाद मौर्य को करीब 26 हजार वोटों से मार दी थी।

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बीजेपी छोड़कर सपा में गए थे मौर्य

हालांकि स्वामी प्रसाद मौर्य वही व्यक्ति हैं, जो यूपी के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेपी को छोड़कर समाजवादी पार्टी में आए थे। 2017 से जनवरी 2022 तक मौर्य यूपी की बीजेपी शासित सरकार में श्रम, रोजगार और समन्वय के कैबिनेट मंत्री थे। 2022 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और जनवरी 2022 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। फिलहाल उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी से बगावत कर डाली है और अपनी नई पार्टी का ऐलान किया है।

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Published By:
 Amit Bajpayee
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