लंच डिप्लोमेसी पर रार... INDI गठबंधन के लंच में क्यों नहीं गए सपा सांसद? अखिलेश यादव ने तोड़ी चुप्पी

बुधवार को CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विपक्षी सांसदों के साथ बैठक की, जहां लंच डिप्लोमेसी हुई। लंच डिप्लोमेसी में सपा का कोई भी सांसद शामिल नहीं हुए, जिसके लेकर विपक्ष में दरार की खबरें आने लगी। अब इस मामले पर अखिलेश यादव ने चुप्पी तोड़ी है।

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SP MPs skip INDI alliance lunch over cec protest Akhilesh Yadav breaks his silence
INDI गठबंधन के लंच में क्यों नहीं गए सपा सांसद? अखिलेश यादव ने तोड़ी चुप्पी | Image: ANI

बुधवार, 6 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विपक्षी पार्टियों के साथ मीटिंग की। इस बैठक में कई विपक्षी पार्टियों के सांसद शामिल हुए, लेकिन INDI गठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी के कोई भी सांसद शामिल नहीं हुए।

मीटिंग में पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के MP मनोज झा ने कहा, "लंच होगा, शायद कोई लॉन्च भी होगा। बाद में इस मीटिंग को ‘लंच डिप्लोमेसी' नाम दिया गया। इस लंच डिप्लोमेसी में सपा के सांसदों के शामिल न होने के बाद INDI गठबंधन में दरार की अटकलें तेज हो गई। दरार की अटकलें तेज हुई तब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी और कहा ‘आने वाले समय में आपको सुनने को मिलेगा कि चाय पर बुलाया गया। हम सब लोग बैठकर समोसा भी खा सकते हैं।’

आने वाले समय में आप सुनेगे कि चाय पर बुलाया है-अखिलेश

INDI गठबंधन के लंच में शामिल नहीं होने पर मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा 'कोई एक लंच थोड़ी होगा। आने वाले समय में आपको सुनने को मिलेगा कि चाय पर बुलाया गया। हम सब लोग बैठकर समोसा भी खा सकते हैं अगर कोई समोसे वाला नारा लग जाए, तो उसमें कोई खराब बात थोड़े है। डिप्लोमेसी चलती रहेगी।"  

राहुल का जंतर-मंतर कूच, हिरासत फिर रिहा

विपक्षी पार्टियों की मीटिंग के साथ जब राहुल गांधी अन्य नेताओं के साथ जयंत-मंतर की तरफ कुछ किया, तो वहां भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया। दिनभर चले इस सियासी ड्रामे के बाद अंत में पुलिस ने राहुल गांधी समेत अन्य कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि, रात होते-होते पुलिस ने राहुल समेत अन्य सांसदों को रिहा कर दिया।

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रात होते-होते कांग्रेस ने कहा '"विपक्ष के नेता और जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों पर हमला असल में संविधान पर ही हमला है। इंडियन नेशनल कांग्रेस आज के दिन को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस' (BLACK DAY) घोषित करती है और 8 अक्टूबर 2026 को राज्य बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आवाहन किया।'

'दिमागी नक्सल' कांग्रेस, ने जनादेश खो दिया-BJP का हमला

कांग्रेस और विपक्षी सांसदों के चले इस सियासी ड्रामे पर भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने जमकर हल्ला बोला। उन्होंने कहा '"कांग्रेस के फर्स्ट फैमिली ने दिल्ली की सड़कों पर जो किया, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे यह साफ हो जाता है कि उनका कॉन्स्टिट्यूशनैलिटी से कोई लेना-देना नहीं है; उनका सिर्फ अराजकता से लेना-देना है।'

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आगे उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा 'आप अराजकता में विश्वास करना चाहते हैं, संवैधानिकता में नहीं। यह संवैधानिक अधिकार नहीं बल्कि आपका पारिवारिक घमंड है। यह साफ है कि 'दिमागी नक्सल' कांग्रेस, जिसने जनता का जनादेश खो दिया है, के पास बस एक ही रास्ता बचा है, मीडिया की लाइमलाइट में आओ और अराजकता चुनो।'

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Published By:
 Sahitya Maurya
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