शिवसेना UBT के टूट सकते हैं 7 सांसद, पहले श्रीकांत शिंदे के घर होगी बैठक फिर ओम बिरला से मुलाकात, एकनाथ शिंदे भी पहुंच रहे दिल्ली
उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद बुधवार सुबह दिल्ली में श्रीकांत शिंदे के आवास पर बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल होंगे। बैठक के बाद ये सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, पहले लोकसभा में अलग गुट बनाकर फिर शिंदे शिवसेना में शामिल होने की योजना है।
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शिवसेना के स्थापना दिवस (19 जून) से पहले उद्धव ठाकरे गुट को झटका लग सकता है। सूत्रों के अनुसार 6 से 7 सांसद एकनाथ शिंदे गुट का दामन थाम सकते हैं। उद्धव शिव सेना के कई सांसद फिलहाल दिल्ली में मौजूद है और एकनाथ शिंदे भी दिल्ली पहुंच रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट के सांसद बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे श्रीकांत शिंदे के दिल्ली स्थित आवास पर बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे भी मौजूद रहेंगे।
बैठक के बाद ये सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। सूत्रों का दावा है कि सबसे पहले सांसद लोकसभा में अलग गुट बनाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेंगे और उसके बाद इस गुट का एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय कराया जाएगा।
किन सांसदों के नाम की चर्चा?
सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे गुट के कम से कम छह सांसद बुधवार को शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इन सांसदों में संजय दिना पाटिल से लेकर संजय देशमुख तक का नाम शामिल है।
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- संजय दिना पाटिल
- संजय देशमुख
- नागेश पाटिल आष्टिकर
- ओमराजे निंबाळकर
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- संजय जाधव
इसके अलावा राजाभाऊ वाजे का नाम भी चर्चाओं में आ रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों शिवसेना गुटों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
राजनीतिक माहौल गरम
इसे 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है। शिवसेना के स्थापना दिवस से पहले सांसदों के संभावित शिफ्ट की ये खबरें राजनीतिक गलियारों में तेजी से फैल रही हैं। उद्धव ठाकरे गुट जहां पार्टी की एकता बनाए रखने के लिए सक्रिय है, वहीं शिंदे गुट की ओर से बड़े स्तर पर सांसदों को आकर्षित करने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी सांसद ने आधिकारिक तौर पर बयान नहीं दिया है, लेकिन दिल्ली में दोनों गुटों के सांसदों की मौजूदगी से साफ है कि राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
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2022 में बनी दो शिवसेना
19 जून, 1966 को बनी शिवसेना को एकनाथ शिंदे ने 2022 में दो हिस्सों में तोड़ दिया था। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बहुमत विधायक और सांसद अलग हो गए। शिंदे गुट ने BJP के साथ मिलकर सरकार बनाई और आधिकारिक शिवसेना का नाम व तीर-कमान चुनाव चिन्ह हासिल कर लिया।
उद्धव ठाकरे के गुट को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) या शिवसेना यूबीटी कहा जाता है, जिसका चुनाव चिन्ह मशाल है। दोनों गुट "असली शिवसेना" होने का दावा करते हैं।