'वोट बैंक खोने के डर से बांग्लादेश पर चुप...', CM योगी ने विपक्ष पर बोला हमला
CM Yogi on Opposition: बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर हिंसा और उन पर हुए अत्याचार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को घेरा है।
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CM Yogi on Opposition: बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर हिंसा और उन पर हुए अत्याचार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा से ज्यादा अपने वोट बैंक की चिंता है।
सीएम योगी ने मथुरा के एक कार्यक्रम समारोह को संबोधित करते हुए विपक्ष पर हमला किया। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जिन्हें दुनिया की हर घटना दिखाई देती है। फिलिस्तीन दिखाई देता है मगर पड़ोसी देश में हिन्दुओं पर हो रहा अत्याचार नहीं दिखाई दे रहा। वहां हिन्दू मंदिर तोड़े जा रहे हैं । इसीलिए हम सबको वर्तमान की चुनौतियों को देखना पड़ेगा।
सीएम योगी का विपक्ष पर हमला
योगी आदित्यनाथ ने कहा- 'आपने देखा होगा कि बांग्लादेश की घटना पर इन सबके मुंह बंद हैं क्योंकि उन्हें भय है कि अगर वे बोलेंगे तो उनके वोट बैंक खिसकते दिखाई देंगे, उनके पैरों की जमीन जिस पर वे खड़े हैं वह अंगारे उन्हें ही जलाते दिखाई देंगे। इसलिए वे मौन हैं, इस पर बोल नहीं सकते।'
'सनातन धर्म हर हाल में रहना चाहिए'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा- 'जो लोग दुनिया के अन्य मुद्दों पर मुखर होकर बोलते हैं, उन्हें फिलिस्तीन दिखाई देता है पर बांग्लादेश दिखाई नहीं देता। उन्हें दुनिया की अन्य जगहें दिखाई देती हैं लेकिन बांग्लादेश नहीं, क्योंकि वहां मंदिर तोड़े जा रहे हैं, संतों पर अत्याचार हो रहा है इसलिए हम सबको वर्तमान की चुनौतियों को देखना होगा। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 1971 में बांग्लादेश को बचाने में हमारे सैनिकों ने भी बलिदान दिया था। यह देश रहना चाहिए, सनातन धर्म हर हाल में रहना चाहिए। हमारी विरासत का सरंक्षण होना चाहिए।'
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बांग्लादेश की आजादी के लिए भारतीय सैनिकों ने दिया था बलिदान
हम सभी को याद करना होगा कि 1947 से पहले बांग्लादेश भी भारत का ही हिस्सा था। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 1971 में बांग्लादेश को आजाद कराने के लिए हमारे सैनिकों ने भी बलिदान दिया था और पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। पाकिस्तान के 95 हजार से ज्यादा सैनिकों को भारत के बहादुर जवानों के सामने आत्मसमर्पण करने पर मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने इसे विश्व के इतिहास की सबसे बड़ी ‘सैन्य जीत’ बताया।
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