'आज मेरा नहीं लेकिन कल जरूर होगा, संकट के समय पार्टी छोड़ने वालों को...', पार्टी टूटने के डर के बीच हुई बैठक में उद्धव ठाकरे का छलका दर्द

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने मातोश्री आवास पर सांसदों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा 'आज मेरा नहीं, लेकिन कल मेरा जरूर होगा। तब तक हमें सहना पड़ेगा, संघर्ष करना पड़ेगा।'

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Uddhav Thackeray
'कल फिर हमारा होगा': पार्टी टूटने के डर के बीच उद्धव ठाकरे का छलका दर्द | Image: Social Media

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार, 14 जून को अपने मातोश्री आवास पर सांसदों के साथ कई घंटों तक बैठक की। इस दौरान उनका दर्द छलक उठा। बैठक के दौरान सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा आज भले ही अपना समय नहीं है, लेकिन आगे हालात जरूर बदलेगा। उद्धव ठाकरे का दर्द उस समय छलका है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा है कि शिवसेना उद्धव ठाकरे ग्रुप में बगावत होने वाली है। वहीं, बैठक में चार सांसद किसी और माध्यम से जुड़े थे।

'आज मेरा नहीं, लेकिन कल...'- उद्धव ठाकरे

मातोश्री आवास पर सांसदों के साथ बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा 'आज मेरा नहीं, लेकिन कल मेरा जरूर होगा। तब तक हमें सहना पड़ेगा, संघर्ष करना पड़ेगा।' वहीं, पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं पर निशाना उन्होंने निशाना साधा। 
पार्टी से बगावत करने वालों नेताओं को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा ' 'जिन लोगों ने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़ी है, उन्हें एक दिन पछतावा जरूर होगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।'

चार साल पहले शिवसेना में हुई बगावत पर क्या बोला?

बैठक के दौरान चार साल पहले शिवसेना में हुई बड़ी बगावत का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, 'पार्टी में बड़ी फूट पड़ी, 40 विधायक चले गए। मैं उस समय महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री था। जो बातें सभी को पता चल रही थीं, क्या मुझे पता नहीं थीं? मुझे इसकी भनक थी।'

जो जाना चाहता है उसे रोकने का क्या मतलब है

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उद्धव ठाकरे ने आगे कहा 'किसी को रोकने या दबाव बनाने की कोशिश नहीं की। ठाकरे ने कहा, “मैंने किसी पर दबाव नहीं डाला, किसी के खिलाफ फाइलें तैयार नहीं करवाई, जो जाना चाहता है, उसे जबरदस्ती रोकने का क्या मतलब है?'

9 में से सिर्फ 4 सांसद बैठक में शामिल

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी में बगावत के बीच बैठक को लेकर उद्धव ठाकरे कि चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि नौ में से सिर्फ चार लोकसभा सांसद ही व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। वहीं, बाकी के सांसद ऑनलाइन जुड़े थे। इस बीच पार्टी के सीनियर नेता संजय राउत ने भी साफ किया है की बैठक में जो व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए थे, वो ऑनलाइन जुड़े थे। राउत ने यह भी कहा कि पार्टी में कोई भी अंदरूनी कलह नहीं है।

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'ऑपरेशन टाइगर' से यूबीटी ग्रुप घबराया

महाराष्ट्र की राजनीति में जारी हलचल के अनुसार शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के करीब 7 सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में बताए जा रहे हैं। वहीं, इस संभावित राजनीतिक उलटफेर को 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया है, जिसके चलते राज्य में इसकी खूब चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि इस अभियान के तहत मानसून सत्र से पहले सांसद और विधायक पाला बदल सकते हैं।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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