ये रिपब्लिक रिपोर्टर पर नहीं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है, ममता सरकार मां-माटी-मीडिया के लिए असुरक्षित- भड़के पूनावाला
जाधव यूनिवर्सिटी में रिपब्लिक के रिपोर्टरों पर हुए हमले को लेकर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ममता सरकार मां-माटी-मीडिया के लिए असुरक्षित है।
- भारत
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कोलकाता के जाधव यूनिवर्सिटी में चल रहे बवाल को कवर करने के लिए रिपब्लिक बांग्ला की टीम जबवहां पहुंची, तो वहां के छात्रों के एक झुंड ने गुंडागर्दी की और महिला रिपोर्टर समेत अन्य रिपोर्टरों पर हमला किया। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार पर जोरदार हमला किया और लोकतंत्र को लेकर तीखे सवाल भी पूछे।
शहजाद पूनेवाला ने एक वीडियो जारी कर तृणमूल कांग्रेस को घेरत हुए कहा, "TMC का मतलब बन चुका है तालिबानी मानसिकता और कल्चर। जिस प्रकार से तालिबानी मानसिकता का परिचय देते हुए रिपब्लिक भारत के पत्रकारों पर हमले किए गए, धमकाया गया, महिला पत्रकार के साथ अभद्रता की गई, ये दिखाता है कि ममता बनर्जी के शासनकाल में मां, माटी, मानुष और मीडिया के लिए कोई ममता नहीं है। केवल तालिबानी मानसिकता, गुंडागर्दी करने वालों को लिए ही ममता बची है। जो ममता बनर्जी की सरकार को एक्सपोज करे, उसे निर्ममता, क्रूरता का सामना करना पड़ता है।"
ममता बनर्जी पर भड़के शहजाद पूनावाला
उन्होंने कहा कि ये पहली बार नहीं है, आरजी कर पर रिपोर्टिंग होती है, तब हमला किया जाता है। बंगाल में भ्रष्टाचार पर रिपब्लिक की टीम रिपोर्टिंग करती है, तब हमला किया जाता है। ये हमला केवल एक चैनल पर, या दो पत्रकार या महिला पत्रकार पर नहीं, ये हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बोला है।
भाजपा नेता ने राहुल गांधी से पूछा सवाल
वहीं कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि ये संविधान पर हमला है। लेकिन संविधान की कॉपी लेकर घूमने वाले राहुल बाबा और प्रियंका वाड्रा, आज गिल्ट लगाकर चुप बैठे हैं।
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यूनिवर्सिटी के दीवारों पर लिखा था फिलिस्तीनी नारा
अधिकारियों के अनुसार विश्वविद्यालय के गेट नंबर तीन के पास सोमवार (10 मार्च) को दीवार पर ये नारे काले रंग से लिखे गए थे। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इसके पीछे कौन लोग या संगठन हैं। इसे लेकर काफी विवाद हो रहा था। छात्रों का एक संगठन कैंपस में प्रदर्शन कर रहा था जिसके कवरेज के लिए रिपब्लिक बांग्ला की टीम पहुंची थी। रिपब्लिक चैनल को देखकर वहां मौजूद छात्र दलाल-दलाल का नारा लगाने लगे।
क्यों मचा यूनिवर्सिटी में बवाल?
दरअसल, विश्वविद्यालय में बीते 1 मार्च को वामपंथी विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इस दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु की कार और उनके साथ चल रहे एक अन्य वाहन से कथित तौर पर दो छात्र घायल हो गए थे। इसके बाद से विश्वविद्यालय में लगातार प्रदर्शन का दौर जारी है। हालांकि, विश्वविद्यालय में सोमवार को अधिकांश कक्षाएं और परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार हुईं ही। साथ ही सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को लेकर भी छात्रों और शिक्षकों में नाराजगी देखी गई।