'बाप भी जाएगा' वाले खड़गे के बयान पर सपा की आई तीखी प्रतिक्रिया, रामगोपाल यादव बोले- जो कहा उससे हम सहमत नहीं, राजनीति में भाषा...
समाजवादी पार्टी के सांसद और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा रामगोपाल यादव ने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, 'ऐसे बयान से हम कतई सहमत नहीं हैं। राजनीति में भाषा का संयम रखना बहुत जरूरी है।'
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। BJP इस बयान के विरोध में सड़कों पर उतर आई है और कांग्रेस के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। अब बीजेपी को समाजवादी पार्टी का भी साथ मिल गया है। सपा ने भी खड़गे के बयान से असहमति जताई है और कहा है कि इस तरह की भाषा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। राजनीति में भाषा की मर्यादा होनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के सांसद और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा रामगोपाल यादव ने खड़गे के बयान पर साफ आपत्ति जताते हुए कहा, “प्रधानमंत्री के पिताजी के लिए जो कहा गया है, उससे हम कतई सहमत नहीं हैं। राजनीति में भाषा का संयम रखना बहुत जरूरी है। नेताओं को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए, वरना स्थिति बिगड़ती चली जाएगी।
ऐसी भाषा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है-रामगोपाल यादव
रामगोपाल यादव ने आगे कहा, बड़े नेता अगर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो छोटे नेताओं से क्या उम्मीद की जाए। पता नहीं वे किस-किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने लगेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की भाषा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। वहीं, BJP ने खरगे के बयान को गुंडों वाली भाषा बताया है। गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत तमाम बड़े नेताओं ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
ओवैसी के यूपी चुनाव लड़ने पर क्या बोले रामगोपाल यादव?
MLC चुनाव को लेकर रामगोपाल यादव ने कहा कि हर चुनाव के बाद मतगणना होती है और हर पार्टी अपनी जीत की उम्मीद रखती है। अब फैसला जनता के हाथ में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षक और स्नातक दोनों क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी को बढ़त मिलेगी और पार्टी जीतेगी। वहीं, ओवैसी के उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ने के सवाल पर रामगोपाल यादव ने कहा, “जहां तक ओवैसी के उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने की बात है, वे किसके इशारे पर बोल रहे हैं? ये जिम्मेदारी प्रेस की है कि वह जनता के सामने सही सच्चाई रखे। आप नहीं जानते कि वे क्यों कह रहे हैं और कौन उनसे कहलवा रहा है। मुझसे मत कहलवाइए।”