"2 दिन मातोश्री में क्यों रखा बालासाहेब का शव? फिंगरप्रिंट लेने की हो रही थी बात...", रामदास कदम का सबसे बड़ा बयान

शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने ऐसा दावा किया है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला सकता है। उन्होंने दावा किया है कि बालासाहेब ठाकरे निधन के बाद उनका शव दो दिनों तक मातोश्री में रखा था।

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Ramdas Kadam biggest statement on Balasaheb Death eknath shinde dasara melava
बालासाहेब ठाकरे की मौत पर रामदास कदम का बड़ा बयान | Image: Facebook

Ramdas Kadam On Balasaheb Thackeray Death : मुंबई के नेस्को सेंटर में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की दशहरा रैली हुई। इस रैली में हजारों शिवसैनिक शामिल हुए। शिंदे ने इस रैली में जोरदार भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने उद्धव ठाकरे और ठाकरे की शिवसेना की कड़ी आलोचना की। उनके भाषण से पहले शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने ऐसा दावा किया, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ सकता है।

रामदास कदम ने भरे मंच से शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की मौत और उनके शव को लेकर कई सवाल उठाए हैं। यह बयान उद्धव ठाकरे गुट के साथ चल रही खींचतान के बीच, महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है। कदम ने एकनाथ शिंदे से अपील करते हुए कहा कि वे बालासाहेब की मौत से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां निकालें और सार्वजनिक करें। उन्होंने अपने भाषण में सवाल उठाते हुए कहा कि बालासाहेब के पार्थिव शरीर को दो दिनों तक मातोश्री में क्यों रखा गया? रामदास कदम ने इसकी जांच कराने की मांग की है।

बालासाहेब पर रामदास कदम का बयान

रामदास कदम ने पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा कि बालासाहेब ठाकरे का निधन कब हुआ और उनका शव मातोश्री पर कितने दिनों तक रखा गया, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि शव को दो दिनों तक रखा गया था और इसके पीछे के कारणों की पूछताछ डॉक्टरों से की जानी चाहिए, जो उनका इलाज कर रहे थे। उन्होंने कहा- 

"मैं यह बयान जिम्मेदारी से दे रहा हूं। मैं यह बहुत बड़ा बयान दे रहा हूं।"

बालासाहेब के फिंगरप्रिंट

कदम ने यह भी दावा किया कि कुछ लोग बालासाहेब के फिंगरप्रिंट लिए जाने की बात कर रहे थे, लेकिन इसका उद्देश्य स्पष्ट नहीं था। उन्होंने कहा- "हम नीचे बैठे थे, मैं आठ दिनों तक मातोश्री के बाहर सोया था। सब कुछ जान रहे थे, लेकिन यह सब क्यों हो रहा था?" इसके अलावा, कदम ने बालासाहेब के मृत्यु प्रमाणपत्र के बारे में भी सवाल उठाए कि इसे किसने बनाया, कब बनाया गया और इसमें किसके हस्ताक्षर थे।

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बालासाहेब ठाकरे की मौत से जुड़े तथ्य

बालासाहेब ठाकरे का निधन 17 नवंबर, 2012 को मुंबई के उनके आवास मातोश्री में दोपहर को कार्डियक अरेस्ट से हुआ था। बालासाहेब की मौत की खबर फैलते ही मुंबई में दुकानें बंद हो गईं थी और शहर ठप पड़ गया था। 

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Published By:
 Sagar Singh
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