राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर फिर उठाए सवाल, संसद में बोले- ऐसा भाषण नहीं होना चाहिए था, जैसा दिया गया है
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा- राष्ट्रपति के अभिभाषण में कुछ नया नहीं था और यह पिछले कुछ सालों की तरह ही था।
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Rahul Gandhi in Lok Sabha : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों को संबोधित कर बजट सत्र की शुरुआत की थी। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बयान ने विवाद खड़ा दिया कर दिया है। सोमवार को एक बाद फिर संसद में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी, चीन और 'मेक इन इंडिया' समेत कई मुद्दों पर बोले। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण ऐसा नहीं होना चाहिए था, जैसा उन्होंने दिया है। राहुल गांधी ने कहा- “मैंने राष्ट्रपति का अभिभाषण हमेशा एक ही किस्म का सुना है। इनके द्वारा किए गए कामों की एक ही सूची है। इस सरकार ने लगभग 50-100 काम ही किए होंगे... मुझे लगता है कि राष्ट्रपति का अभिभाषण ऐसा नहीं होना चाहिए था जैसा दिया गया है।”
'पिछले सालों की तरह था अभिभाषण'
राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में कुछ नया नहीं था और यह पिछले कुछ सालों की तरह ही था। उन्होंने कहा- "मैंने राष्ट्रपति का अभिभाषण सुना। मुझे कहना होगा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान जो कहा जा रहा था, उस पर अपना ध्यान बनाए रखने के लिए मुझे संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि मैंने लगभग वही अभिभाषण पिछले साल और उससे पहले के साल भी सुना था।"
'मेरी बात से प्रधानमंत्री सहमत होंगे'
राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि अगर विपक्षी INDI गठबंधन की सरकार होती तो यह अभिभाषण इस तरह का नहीं होता। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं द्वारा तय होगा, इसलिए कुछ भी कहा जाए तो उसमें युवाओं पर जोर होना चाहिए था। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हम बेरोजगारी की समस्या को सुलझा नहीं पाए हैं, न तो UPA सरकार बेरोजगारी को लेकर युवाओं को कोई स्पष्ट जवाब दे पाई और ना ही NDA सरकार कुछ कर पाई... मेरी इस बात से प्रधानमंत्री भी सहमत होंगे।’’
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राहुल गांधी ने दिखाया मोबाइल फोन
जब राहुल गांधी लोकसभा में बोल रहे थे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस दौरान सदन में उपस्थित थे। राहुल ने कहा- प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ की पहल की। यह अच्छा विचार था, प्रधानमंत्री ने प्रयास किया, लेकिन यह प्रयास विफल रहा। एक देश के रूप में हम मैन्युफैक्चरिंग में विफल रहे हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि मैन्युफैक्चरिंग का काम चीन की कंपनियों को दे दिया गया है। राहुल गांधी ने संसद में मोबाइल फोन दिखाते हुए कहा, ‘‘यह मेड इन इंडिया नहीं, बल्कि ‘असेंबल्ड इन इंडिया’ है।’’ उन्होंने कहा कि देश को मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि हर कोई जानता है कि भारत में सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।