'काम करने से रोका, संसद में बोलने से रोका', Raghav Chadha ने गिनाए AAP छोड़ने के कारण, कहा- जोश के साथ उठाऊंगा जनता के मुद्दे- VIDEO
Raghav Chadha on Quitting AAP: राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर आम आदमी पार्टी छोड़ने के कारण गिनाए। उन्होंने बताया कि किस तरह पार्टी में काम करने का जहरीला माहौल बन गया था। आपको काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है।
- भारत
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Raghav Chadha: 7 राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर बीजेपी में जाने पर सियासत गरमाई हुई है। इस बीच राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर AAP छोड़ने के कारण गिनाए हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह से AAP में उन्हें काम करने और संसद में मुद्दे से रोका जा रहा था और पार्टी के अंदर टॉक्सिक माहौल बन रहा था। राघव ने बताया कि ऐसे में उनके सामने 3 ऑप्शन ही बचे थे।
सोमवार (26 अप्रैल) को इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि कई लोग जानना चाहते हैं कि मैंने जो फैसला लिया उनके पीछे क्या कारण थे?
‘आज ये पुरानी वाली पार्टी नहीं रही…’
उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, जिसे मैं छोड़कर राजनीति में आया। अपने करियर को बनाने के लिए पॉलिटिक्स में मैं नहीं आया था। मैं एक पार्टी का संस्थापक सदस्य था।
राघव ने कहा कि जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने और बहुत मेहनत से पार्टी को सिंचा, लेकिन आज ये पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। आज इस पार्टी में काम करने का जहरीला माहौल बन गया था। आपको काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है। ये पार्टी आज चंद करप्ट और compromised लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं अपने निजी फायदे के लिए काम करते हैं।
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मेरे पास 3 ऑप्शन थे- राघव
उन्होंने कहा कि मैं ये पिछले कुछ सालों से ये फील कर रहा था कि 'मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं'। ऐसे में मेरे सामने तीन ऑप्शन थे- पहला कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं, दूसरा- मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो हुआ नहीं, तीसरा- मैं अपनी एनर्जी और एक्सपीरियंस लेकर पॉजिटिव करूं, एक और प्लेटफॉर्म, एक और पार्टी के साथ जुड़कर।
राघव चड्ढा ने आगे कहा कि मैंने अकेले ने नहीं, 6 और सांसदों ने यह फैसला लिया कि हम अपनी इस पार्टी से रिश्ता तोड़ देते हैं। एक आदमी गलत हो सकता है, दो गलत हो सकते हैं, लेकिन 7 लोग गलत नहीं हो सकते। वो अनगिनग लोग जो इस पार्टी के सपने के साथ जुड़े थे और छोड़कर चले गए, क्या वो सारे गलत हो सकते हैं?
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उन्होंने कहा कि अगर आपका वर्कप्लेस टॉक्सिक बन जाए, तो आप वहां कितना काम कर पाएंगे? अगर आपको काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए, तो आप क्या करेंगे? इस स्थिति में सही फैसला यही है कि उस वर्कप्लेस को छोड़ दें। शायद मैंने भी वही किया।
आगे भी उठाता रहूंगा जनता के मुद्दे- राघव
राघव ने यह भी बताया कि क्या वे आगे भी आम जनता के मुद्दे, उनकी समस्या को आगे भी उठाएंगे? उन्होंने कहा कि मैं लोगोंं को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं आपकी समस्याओं को लगातार और एनर्जी के साथ, जोश के साथ उठाऊंगा। अच्छी बात ये है कि अब हम उन समस्याओं के समाधान को भी ढूंढ पाएंगे और उसे अमल में ला पाएंगे।