PM मोदी ने अमेरिका दौरे पर लूटी वाहवाही तो कांग्रेस को लगी मिर्ची, मनीष तिवारी बोले- जो लोग इस बात पर अपनी पीठ थपथपाने...
PM मोदी ने अमेरिका दौरे पर लूटी वाहवाही तो वहीं कांग्रेस को मिर्ची लगी रही है। तहव्वुर राणा को लेकर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी का बयान आया सामने।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की अमेरिका की यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने 14 फरवरी (भारतीय समायनुसार शुक्रवार सुबह) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को लेकर बड़ा ऐलान किया है। तहव्वुर राणा को भारत वापस लाया जा रहा है। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी को मिर्ची लग रही है। तभी तो मनीष तिवारी का बयान भी सामने आ गया है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, "जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाशिंगटन डीसी में हैं, ट्रंप ने सभी देशों पर पारस्परिक टैरिफ लगाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं और बार-बार भारत को टैरिफ का लगातार दुरुपयोग करने वाला देश कहा है।"
'भारत को टैरिफ का दुरुपयोग करने वाला देश कह रहा US'
उन्होंने आगे कहा कि इन परिस्थितियों में, जो लोग इस बात पर अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह एक सफल यात्रा थी, उन्हें जब तक वे भारत वापस आएंगे, तब तक वास्तविकता पूरी तरह से अलग हो सकती है। हम अमेरिका से विमान खरीदने में अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति हमें टैरिफ का लगातार दुरुपयोग करने वाला देश कह रहे हैं।
हाफिज सईद को पाक से बाहर निकालना मुश्किल: मनीष तिवारी
कांग्रेस के गले से ये बात उतर नहीं पा रही है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में अमेरिका से राणा को वापस लाया जा रहा है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, "अगर तहव्वुर राणा आखिरकार भारत वापस आता है, तो इससे 26/11 के पीछे की साजिश को उजागर करने में मदद मिलेगी। लेकिन असली परीक्षा पाकिस्तान से हाफिज सईद को बाहर निकालना है क्योंकि वह 26/11 हमलों का असली मुख्य सूत्रधार है।"
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मास्टर माइंड हेडली की मदद कर रहा था राणा
मुंबई हमले की चार्जशीट के मुताबिक राणा हमले के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी डेविड कोलमैन हेडली की मदद कर रहा था। वो ISI और लश्कर-ए-तैयबा का मेंबर है। आपको बता दें कि पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। इसमें 20 सुरक्षाकर्मियों और 26 विदेशियों सहित 174 लोग मारे गए थे। 26 नवंबर, 2008 को मुंबई के ताज होटल में हुए आतंकी हमलों में 300 से अधिक लोग घायल भी हुए थे।
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