'पहलगाम हमले के 3 दिन बाद कांग्रेस कहने लगी- कहां गई 56 इंच की छाती, कहां है मोदी लेकिन इनका छिछोरापन...', लोकसभा में बोले PM मोदी
PM Modi in Lok sabha: कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया का समर्थन तो मिला, लेकिन ये दुर्भाग्य है कि मेरे देश के वीरों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला।
- भारत
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PM Modi in lok sabha: लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चल रही चर्चा में PM मोदी ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि मैंने कहा था कि मैं इस सदन के समक्ष भारत का पक्ष रखने के लिए यहां खड़ा हूं। जो लोग भारत का पक्ष नहीं देख पा रहे हैं, मैं उन्हें आईना दिखाने के लिए यहां खड़ा हूं।
न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग अब नहीं चलेगी- PM मोदी
PM मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल को मैंने सार्वजनिक तौर पर कहा ता कि हम आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे, यही हमारा संकल्प है। ऐसी सजा मिलेगी जो कल्पना से भी बड़ी होगी। सेना को कार्रवाई की खुली छूट दी गई। आतंकियों को ऐसी सजा दी कि आज भी आतंक के उन आकाओं की नींद उड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि 22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला निर्धारित लक्ष्य के साथ हमारी सेना ने लिया। भारत ने यह भी सिद्ध किया कि न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग अब नहीं चलेगी और न ही इसके आगे भारत झुकेगा।
कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी
लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से नहीं रोका है। 193 देश में से सिर्फ 3 देशों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया। दुनियाभर से भारत को समर्थन मिला है। दुनिया का समर्थन तो मिला, लेकिन ये दुर्भाग्य है कि मेरे देश के वीरों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद 3-4 दिन में ही ये उछल रहे थे। इन्होंने कहना शुरू कर दिया कि कहां गई 56 इंच की छाती? कहां खो गया मोदी? मोदी तो फेल हो गया... क्या मजा ले रहे थे। उनको लगा कि वाह बाजी मार ली। पहलगाम के निर्दोष लोगों की हत्या में भी वो अपनी राजनीति तलाश रहे थे। अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए मुझ पर निशाना साध रहे थे। इनकी ये बयानबाजी, इनका छिछोरापन देश के सुरक्षाबलों का मनोबल गिरा रहा था।
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'ये लोग मीडिया में हेडलाइन तो ले सकते हैं, लेकिन…'
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को न भारत के सामर्थ्य पर भरोसा है न ही भारत की सेना पर। इसलिए वो लगातार ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसा करके आप लोग मीडिया में हेडलाइंस तो ले सकते हैं, लेकिन देशवासी के दिलों में जगह नहीं बना सकते।