'प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट' पर ओवैसी की पहली प्रतिक्रिया, कहा- सर्वे में 5 जानें गईं, मोदी सरकार को...

'प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट' को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

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Owaisi
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी | Image: PTI

प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 की वैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के वी विश्वनाथन की स्पेशल बेंच ने की। SG तुषार मेहता केन्द्र सरकार की तरफ से पेश हुए और उन्होंने कहा कि वो हलफनामा दाखिल करेंगे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट  ने नए सूट दाखिल करने को लेकर कहा कि आदेश वो जारी करेंगे। इसपर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बयान भी सामने आया है।

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "जब ये प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट बनाया गया था, उसका मतलब ये था कि देश में कुव्यवस्था ना हो, दंगे ना हो, देश में अमन रहे। अब हम जो देख रहे हैं, खास कर संभल में जो हुआ, एक ही दिन में केस फाइल हुआ, डेढ़ घंटे के अंदर ऑर्डर मिल गया, सर्वे हो गया, फिर दूसरा सर्वे के लिए टीम आई। उसमें हम देखते हैं कि हिंसा हुई और 5 बेकसूर मुस्लिमों की पुलिस के द्वारा हत्या कर दी गई।"

AIMIM चीफ ने SC के फैसले का किया स्वागत

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला, उस एक्ट को सामने रखकर SC ने कहा है कि अब कोई सर्वे नहीं होगा। कोई कोर्ट में किसी मामले की सुनवाई नहीं करेगी, जब तक कि SC की हियरिंग पूरी नहीं होती। ये बिल्कुल सही है। ये बार-बार कोर्ट में जाना कि यहां पर मस्जिद नहीं थी, 500 साल पहले ऐसा हुआ, ये बिल्कुल गलत है। पार्लियामेंट का एक्ट है। भारत सरकार कोई रिप्लाई डाल ही नहीं रही है। अच्छा फैसला है। कम से कम इससे दंगे नहीं होंगे, लोगों की जानें नहीं जाएंगी। ये मुल्क को आगे लेकर जाएंगे या क्या करेंगे? अब तो सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है, जाहिर है कि निचली अदालतों को ये सुनना पड़ेगा।

CJI ने केंद्र सरकार को कहा कि आप जवाब दाखिल कर के सभी को अपनी कॉपी की प्रति याचिकाकर्ताओं को दें। CJI ने कहा कि अब कोई दूसरा शूट नहीं दाखिल होगा। CJI ने कहा कई सारे सवाल उठाए गए है। हम उस सभी पर सुनवाई करेंगे। CJI ने कहा कि दो सूट पहले ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मथुरा मामला हमारे पास लंबित है।

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CJI की टिप्पणियां

CJI ने कहा कि नए सूट दाखिल करने को लेकर हम आदेश जारी करेंगे। CJI ने कहा कि हम जो आदेश जारी करना चाहते है वो करेंगे। CJI ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया। CJI ने कहा कि केंद्र के जवाब दाखिल करने के बाद जिन्हें जवाब दाखिल करना हो वो चार हफ्ते में जवाब दाखिल कर सकते है। CJI ने कहा कि  हम केंद्र के जवाब के बिना फैसला नहीं कर पाएंगे। हम केंद्र सरकार का इस मामले में पक्ष जानना चाहते हैं। CJI ने कहा कि फ्रेश सूट दाखिल हो सकते है लेकिन इनपर कोई सुनवाई नहीं होगी। CJI ने कहा कि जो याचिकाएं अभी देश की अलग-अलग अदालतों में है उनपर अदालतें को अफेक्टिव और फाइनल ऑर्डर पास नहीं होंगे। सर्वे के आदेश ही नहीं देंगे।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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