कीर्ति आजाद खुद को ही क्यों विभीषण बताने लगे? लोकसभा में कहा- मुझे उसकी तरह लंका से निकाला गया
कीर्ति आजाद अतीत में भारतीय जनता पार्टीमें रहे हैं। बाद में वो कांग्रेस और फिर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए। हालांकि मंगलवार को लोकसभा में उनका दर्द छलका।
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि एक ‘घोटाले’ को उजागर करने के लिए पार्टी ने उन्हें उसी तरह से निकाला जैसे ‘‘विभीषण को लंका से बाहर किया गया था।’’ उन्होंने लोकसभा में मंगलवार को वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच, 2021-22 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों और 2025-26 के लिए मणिपुर के संबंध में अनुदान की अनुपूरक मांगों पर चर्चा में भाग लिया।
आजाद अतीत में भाजपा में रहे हैं। बाद में वह कांग्रेस और फिर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने सदन में भाजपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘मुझसे बेहतर इन लोगों को कोई नहीं जानता। मैंने क्रिकेट में 400 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले को उठाया तो मुझे ‘विभीषण की तरह लंका से निकाल दिया गया।’’
आजाद ने अर्थव्यवस्था की स्थिति और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 तक पांच हजार अरब डॉलर के अर्थव्यवस्था की बात की गई थी, लेकिन यह लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हुआ। आजाद ने दावा किया कि 2022 से पश्चिम बंगाल की केंद्रीय हिस्सेदारी का बकाया पैसा नहीं दिया गया है। टीमएसी सांसद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘वित्त मंत्री जी से प्याज के दाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता क्योंकि वह प्याज नहीं खातीं। पेट्रोल और डीजल तो हम भी नहीं खाते, लेकिन पता है कि दाम कितना बढ़ गया है।’’
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(PTI की खबर में सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया गया है)