अपडेटेड 6 March 2026 at 19:27 IST

मोदी सरकार क्या बड़ा करने वाली है? BJP और कांग्रेस दोनों ने लोकसभा सांसदों के लिए 9-10 मार्च को लेकर जारी किया तीन-लाइन व्हिप

BJP और कांग्रेस ने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च 2026 तक सदन में अनिवार्य उपस्थिति के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी किया है। यह बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत पर है। जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार कुछ बड़ा करने वाली है।

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Parliament Budget Session BJP and Congress issue whip for MPs as Lok Sabha
BJP और कांग्रेस ने जारी किया तीन-लाइन व्हिप | Image: Screen Grab/ SansadTV

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 9 मार्च से होने जा रही है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने शुक्रवार को अपने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 'तीन-पंक्ति का व्हिप' जारी किया है। तीन-लाइन व्हिप पार्टी के लिए सबसे सख्त निर्देश माना जाता है, जिसका पालन न करने पर सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की मांगों पर चर्चा, विधेयकों पर विचार-विमर्श और दूसरे आवश्यक संसदीय कार्य होने की उम्मीद है। सत्र का पहला चरण 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था और 13 फरवरी को समाप्त हुआ। पहले चरण में मुख्य रूप से 2026-27 के केंद्रीय बजट पेश किया गया और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस हुई थी।

क्यों जारी किया गया व्हिप?

विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए प्रस्ताव लेकर आया है। विपक्ष के 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। जिसमें उन पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया गया था। स्पीकर ने नैतिक आधार पर सदन में न आने का फैसला किया था। यह प्रस्ताव 9 मार्च से शुरू होने वाले सत्र में उठ सकता है। बताया जा रहा है कि सोमवार को ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। सांसदों को बताया गया है कि 9 और 10 मार्च को कुछ अति महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी आ सकता है।

क्या है तीन-लाइन व्हिप?

BJP और कांग्रेस ने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च 2026 तक सदन में मौजूद रहने के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी किया है। तीन-लाइन व्हिप संसदीय दल का सबसे सख्त निर्देश होता है। इसमें सांसदों को पार्टी लाइन के अनुसार वोट देने और सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया जाता है। इसका उल्लंघन करने पर सांसद पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। दोनों प्रमुख दल सत्ताधारी BJP और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने इसे जारी किया है, जो दिखाता है कि आने वाले दिनों में कोई महत्वपूर्ण कार्यवाही या वोटिंग होने वाली है, जहां पूर्ण बहुमत सुनिश्चित करना जरूरी है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 6 March 2026 at 19:27 IST