पहलगाम हमले पर उबल रहा देश, ओवैसी ने फिर छेड़ दिया वक्फ बोर्ड वाला राग, मुसलमानों से क्यों की 15 मिनट बत्ती गुल करने की अपील?
पहलगाम आतंकी हमले के बीच जब पूरा देश पाकिस्तान को नेस्तानाबूद करने की तैयारी में बैठा तो ओवैसी ने ऐसे समय में भी वक्फ कानून का नया राग छेड़ दिया है।
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मौजूदा समय 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्टों पर हुए हमले को लेकर पूरे देश में गुस्से का माहौल है। वहीं एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ऐसे समय में भी वक्फ बिल को लेकर नया राग छेड़ रहे हैं। देश पाकिस्तान पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है तो ओवैसी घर में घमासान करने पर उतारू हैं। ओवैसी ने एक वीडियो संदेश के जरिए देश के लोगों से वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की मांग की है। असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ कानून के खिलाफ एक पब्लिक प्रोटेस्ट का आयोजन करते हुए देश के लोगों से अपने घरों और अपनी दुकानों में 15 मिनट तक लाइटें बंद करने का आह्वान किया है। वक्फ कानून के खिलाफ AIMPLB ने सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। मुस्लिम नेताओं ने अपील की है कि लोगों को एक कड़ा संदेश देना चाहिए कि यह अधिनियम एक काला कानून है।
ओवैसी ने कहा कि मैं आप तमाम लोगों से इस बात की रिक्वेस्ट करता हूं कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड लॉ ने वक्फ अमेंडमेंट बिल 2025 के खिलाफ जो एक पब्लिक प्रोटेस्ट को लांच किया है, उसके एक प्रोग्राम के तहत 30 अप्रैल के दिन शाम में 09:00 बजे से 09:15 बजे तक बत्ती गुल का एक प्रोग्राम है। मेरी आप तमाम लोगों से दरमंदाना अपील है कि कल आप लोग अपने घर की लाइट को रात को 09:00 बजे से लेकर 09:15बजे तक बंद रखिए ताकि हम लोग नरेंद्र मोदी की हुकूमत को एक पैगाम दे सकें कि उन्होंने जो वक्फ अमेंडमेंट कानून बनाया है वो भारत के संविधान और खासकर फंडामेंटल राइट्स ऑर्टिकल 14, ऑर्टिकल 15, ऑर्टिकल 25 और ऑर्टिकल 26 का ये वॉयलेशन है और ये खास तौर से मुसलमानों के धर्म वक्फ बोर्ड पर मदाखलत इस कानून के साथ की जा रही है।
ओवैसी ने पहलगाम हमले के बीच छेड़ दिया वक्फ कानून का राग
पहलगाम आतंकी हमले के बीच जब पूरा देश पाकिस्तान को नेस्तानाबूद करने की तैयारी में बैठा तो ओवैसी ने ऐसे समय में भी वक्फ कानून का नया राग छेड़ दिया है। इस समय देश को सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान को सबक सिखाने की तैयारी कर रहा है। ओवैसी ने अपनी शेयर की गई वीडियो में लोगों से अपील की है, 'मेरी आप सब से गुजारिश है कि आप लोग कल 30 अप्रैल के दिन रात में 09:00 बजे से 09:15 बजे तक 15 मिनट के लिए अपने घरों और दुकानों की लाइटें बंद करके अपने विरोध को दर्ज करवाइए और एक पैगाम दीजिए कि ये कानून एक काला कानून है जो भारत के संविधान के खिलाफ और फंडामेंटल राइट्स के खिलाफ बनाया गया है। मेरी आप तमाम से ये अपील है।'
संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति की लग चुकी है मुहर
आपको बता दें कि वक्फ संपत्तियों में सुधार करने के लिए मोदी सरकार ने इसमें सुधार के लिए एक समिति बनाई इस समिति ने पहले इस वक्फ बोर्ड के बारे में पढ़कर उसका रिव्यू किया और फिर वक्फ संशोधन कानून बनाने के लिए इसे संसद के दोनों सदनों में समीक्षा के लिए रखा गया। दोनों सदनों से पास होकर इसे अब राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है और ये कानून अब प्रभावी रूप से लागू हो चुका है, और इसके द्वारा वक्फ संपत्तियों से संबंधित विभिन्न प्रबंधनों और प्रशासनिक कार्यों में सुधार लाने की उम्मीद है। इस कानून के पारित होने से वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं विपक्षी पार्टियां और कुछ मुस्लिम नेता वक्फ कानून का विरोध कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में इसकी पीआईएल भी डाली है। देश में वक्फ कानून को लेकर लगातार बहस छिड़ी हुई थी कि इसी बीच 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हो गया और पूरे देश की नजरें अब पाकिस्तान पर होने वाले एक्शन पर टिकी हैं।