आतंकियों का जनाजा नहीं निकलेगा, जहां मारे जाएंगे वही दफनाया जाएगा, कश्मीर में टेरर का इको सिस्टम ध्वस्त- अमित शाह
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद को लेकर हमने जम्मू कश्मीर में बहुत सारे कठोर कदम उठाए हैं।
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राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद को लेकर हमने जम्मू कश्मीर में बहुत सारे कठोर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को फैलाने वाले, अलगाववाद को फैलाने वाले आतंकवादी और उनके इकोसिस्टम की संपूर्ण सफाई का युग शुरू हुआ है।
शाह ने कहा कि धारा 370, 35ए हटाए गए, जीरो टेरर प्लान बना, एरिया डोमिनेशन की योजनाएं बनी, कैपेसिटी बिल्डिंग की योजनाएं बनी, मल्टी लेवल डेप्लॉयमेंट लगाया गया, तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया, जेल प्रबंधन बढ़ाया गया, ड्रोन रोधी सिस्टम और गन्स की तैनाती की गई। हम सब ने देखा होगा देश की जनता ने देखा होगा कहीं आंतकवादी मारे जाते थे तो 10-10 हजार लोगों के साथ जनाजे निकलते थे, हमने कठोर निर्णय लिया। आतंक में लिप्त किसी भी व्यक्ति का जनाजा नहीं निकलेगा, जहां मरेंगे वहीं दफना दिए जाएंगे और इसका भी कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया था, फारूक अब्दुल्ला की पार्टी ने विरोध किया था।
हमने कश्मीर में टेरर का इको सिस्टम ध्वस्त- अमित शाह
गृहमंत्री ने कहा कि आतंकी समर्थकों को चुन चुन कर नौकरियों से निकला गया, पासपोर्ट, गवर्नमेंट कांट्रैक्ट रद्द किए गए। 75 पाकिस्तानी समर्थक सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कराया गया। बार काउंसिल को सस्पेंड करके भारत के संविधान को मानने वाली बार काउंसिल प्रस्तावित की गई। यूरोपीय अदालत की स्थापना हुई और मई 2022 से लेकर मई 2025 तक 2267 प्रकरण दर्ज हुए।
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आतंकियों के इकोसिस्टम को तोड़ना हमारा अधिकार- अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में जो आतंकी हमला हुआ। हमारे निहत्थे नागरिकों को मारा। इसके जवाब में आतंकवादियों के पूरे इकोसिस्टम को तोड़ने का हमारा अधिकार है। दुनिया के सभी देशों ने हमारे अधिकार को स्वीकारा है। उस अधिकार का हमने उपयोग किया है। जब पाकिस्तान ने ही कहा कि हमें संघर्ष नहीं करना है, तब हमने सीजफायर को स्वीकारा।
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सीजफायर को लेकर कांग्रेस के सवालों पर गृह मंत्री ने कहा कि ये तो घोषित युद्ध नहीं था। आपके समय में जो घोषित युद्ध हुए, उसमें आपने क्या किया?