नीतीश कुमार के INDI गठबंधन से भागने की चर्चाएं... इधर तेजस्वी बोल रहे- हम साथ-साथ

बिहार में पिछले कुछ वक्त से नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और लालू के राष्ट्रीय जनता दल में खींचतान की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। अभी तेजस्वी सब ठीक बता रहे हैं।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Nitish Kumar Tejashwi Yadav
नीतीश कुमार के NDA में जाने की चर्चाओं पर तेजस्वी ने जवाब दिया। | Image: File: Tejashwi Yadav/Facebook

Bihar News: लोकसभा के चुनाव (Lok Sabha Elections) जब ठीक सिर पर आ चुके हैं, बिहार में राजनीतिक परिदृश्य बदलने की संभावनाओं ने माहौल और गरमा दिया है। सियासत के बाजार में अभी ऐसी अटकलें चल पड़ी हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के नेता नीतीश कुमार (Nitish Kumar) जल्द ही विपक्ष के INDI गठबंधन से भाग सकते हैं। अटकलों को बल तब और मिला, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नीतीश कुमार जैसे नेताओं के लिए NDA में आने की खिड़की खोल दी है। इन कयासों से बिहार में भूचाल आ चुका है।

बिहार में पिछले कुछ वक्त से नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल के बीच खींचतान की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। इस बीच नीतीश कुमार के INDI गठबंधन और राजद से नाराजगी की चर्चाएं चलीं। तभी भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश जैसे नेताओं की एनडीए में एंट्री पर एक सवाल जवाब दिया कि प्रस्ताव आया तो विचार करेंगे।

तेजस्वी बोल रहे- हम साथ-साथ

हालांकि नीतीश के एनडीए में जाने और जदयू-राजद में टकराव के बाद भी तेजस्वी यादव सब कुछ ठीक बता रहे हैं। शुक्रवार को जब नीतीश पर तेजस्वी से सवाल पूछा गया तो डिप्टी सीएम ने कहा कि कोई चिंता की जरूरत नहीं है। सब ऑल इस वेल है। तेजस्वी का कहना है, ‘हम जदयू के साथ हैं, जदयू हमारे साथ है। मजबूती के साथ महागठबंधन चुनाव लड़ेगा। नीतीश जी के नेतृत्व में हम काम कर रहे हैं।’

यह भी पढ़ें: झारखंड के CM हेमंत सोरेन से आज पूछताछ, ईडी ने भेजे थे 8 समन

Advertisement

नीतीश क्यों नाराज हैं?

तेजस्वी यादव सब कुछ ठीक बता रहे हैं, लेकिन माना जाता है कि नीतीश कुमार के लिए INDI गठबंधन में कुछ ही सही नहीं है। नीतीश को विपक्ष के INDI गठबंधन का सूत्रधार माना जाता है। नीतीश के आह्वान पर ही पहली बार जून 2023 में पटना में विपक्ष के 26 दल एक मंच पर आए थे। इसमें कोई दो राय नहीं है, फिर भी ना ही नीतीश को संयोजक बनाया जा सका है, ना ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार।

INDI गठबंधन के तहत बिहार में जब सीट बंटवारे की बात आई, तो भी जदयू और राजद के बीच बात नहीं बनी है। खूब माथापच्ची हुई, मगर सीट बंटवारा ना हो सका।

Advertisement

इतना ही नहीं, हाल ही में बिहार में लालू प्रसाद यादव भी जदयू अध्यक्ष से दूरी बनाते देखे गए। 15 जनवरी को राबड़ी आवास पर हुए दही-चूड़ा भोज में लालू यादव ने नीतीश कुमार को तिलक भी नहीं लगाया था। फिलहाल देखना है कि आने वाले वक्त में बिहार की सियासत में और क्या-कुछ होने वाला है।

यह भी पढ़ें: दिल्ली में हिंदू सेना ने बदला बाबर रोड का नाम, लिखा- अयोध्या मार्ग

Published By:
 Amit Bajpayee
पब्लिश्ड