Disha Salian Case: 'उद्धव ने मुझे दो बार कॉल कर कहा- आपके भी बच्चे हैं, मेरे बेटे आदित्य का नाम...', BJP सांसद का बड़ा दावा
Narayan Rane on Disha Salian Case : नारायण राणे ने दावा किया है कि जब दिशा सालियान की घटना हुई। तब उद्धव ठाकरे ने फोन कर कहा था कि आदित्य ठाकरे का नाम ना लें।
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Disha Salian Death Case : BJP सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane ) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान मौत मामले में उद्धव ठाकरे को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि दिशा सालियान की मौत के बाद मुझे उद्धव ठाकरे का फोन आया था और उन्होंने कहा था कि आदित्य ठाकरे का नाम ना लें।
नारायण राणे ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के PA मिलिंद नार्वेकर का उन्हें दो बार फोन आया था। मिलिंद के फोन से उद्धव ठाकरे ने दिशा सालियान को लेकर बात की थी। ठाकरे ने फोन पर अनुरोध किया था कि उनके बेटे आदित्य ठाकरे का नाम दिशा सालियान मर्डर केस में ना घसीटा जाए। मुझे कहा कि आपके भी बच्चे हैं, मुझे भी बच्चे हैं। आपके बेटे लगातार आदित्य का नाम ले रहे हैं वो ना लिया करें। राणे ने इस मामले में पुलिस से FIR दर्ज कर आदित्य ठाकरे को गिरफ्तारी करने की मांग की है।
'दिशा सालियान के परिवार पर दबाव बनाया'
नारायण राणे ने दावा किया कि जब दिशा सालियान की घटना हुई। तब बांद्रा क्रॉस करने के बाद मुझे नार्वेकर का फोन आया, उसने कहा कि साहेब को आपसे बात करना है। दूसरा कॉल कोविड काल में आया। राणे ने आरोप लगाया कि दिशा सालियान के परिवार पर दबाव बनाया गया था और पोस्टमार्टम के समय डॉक्टर को भी बदला गया था। दिशा सालियान मामले को लेकर पुलिस के पास उस समय सारे सबूत थे, लेकिन उनको गिरफ्तार नहीं किया, हमें गिरफ्तार करने पहुंच गए।
पिता की याचिका पर 2 अप्रैल को सुनवाई
दिशा सालियान, एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थीं। 8 जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से उनकी मौत हुई थीं। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना UBT विधायक आदित्य ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाए और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई। उनकी याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और सुनवाई की तारीख भी तय हो गई। सतीश सालियान की अर्जी पर 2 अप्रैल को बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। उन्होंने इस केस की CBI से नए सिरे से जांच कराने की मांग की थीं। साथ ही आदित्य ठाकरे पर FIR दर्ज करने का भी अनुरोध किया है। वहीं, आदित्य ठाकरे अपने ऊपर लगे आरोपों को बदनाम करने की कोशिश बता रहे हैं। ठाकरे का भी कहना है कि उनके परिवार का इस मामले से कोई-लेना-देना नहीं है।