Nagpur Violence: मौलाना शहाबुद्दीन का तर्क सुन सिर पड़क लेंगे, कहा- हिंसा के लिए 'छावा' जिम्मेदार, सरकार से कर डाली बड़ी मांग
अब यूपी के बरेली से दरगाह आला हजरत से जुड़े मौलाना राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के मौलाना शहाबुद्दीन का नागपुर हिंसा पर हास्यपद बयान सामने आया है।
- भारत
- 4 min read

Maulana Shahabuddin Barelawi Controversial Statement on Nagpur Violence: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना शाहबुद्दीन बरेलवी आए दिन इस्लाम और देश में हो रही सियासी हिंसा पर बयानबाजी किया करते हैं। अब ताजा मामला महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा को लेकर उनका बयान आया है। मौलाना शाहबुद्दीन बरेलवी ने नागपुर हिंसा को लेकर बहुत ही हास्यपद बयान दिया है। मौलाना के मुताबिक नागपुर हिंसा अभी हाल में रिलीज हुई छत्रपति शिवाजी महाराज के बड़े बेटे छत्रपति शंभाजी महाराज की जीवनी पर बनी फिल्म 'छावा' को लेकर हुआ है। हालांकि नागपुर दंगों की वजह से बिगड़े हालातों पर अब काबू पा लिया गया है, लेकिन मौलानाओं की ऐसे हास्यपद बयानों से समाज में क्या संदेश जाएगा इसको देखकर आप अपना सर ही पकड़ लेंगे। इतना ही नहीं मौलाना ने फिल्म को बैन करने की मांग भी कर दी है।
नागपुर हिंसा पर प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए काबू पा लिया है। सोमवार (17 मार्च) को हुई इस हिंसा में प्रशासन ने आरोपियों पर कड़ा एक्शन लेते हुए कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अब बरेली से दरगाह आला हजरत से जुड़े मौलाना राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के मौलाना शहाबुद्दीन का नागपुर हिंसा पर हास्यपद बयान सामने आया है। उन्होंने इस दंगे के लिए विक्की कौशल की नई फिल्म 'छावा' को जिम्मेदार ठहराया है, और फिल्म को बैन करने की मांग करते हुए उनके बनाने वाली पर भी कानूनी कार्यवाही की मांग की है। बरेलवी का कहना है कि फिल्म 'छावा' से मुतालिक गृहमंत्री अमित शाह जी को एक पत्र लिखकर मांग की है कि यह फिल्म जब से आई है देश में और लोगों ने देखना शुरू किया है, सुनना शुरू किया है, तब से हिंदू मुसलमान दोनों रेड क्रास हो रहे हैं, और यह फिल्म समाज में उत्तेजना फैला रही है और दोनों ही समुदाय के लोगों को भड़का रही है।
'छावा' फिल्म देखने के बाद ही नागपुर में हुई हिंसाः मौलाना बरेलवी
मौलाना बरेलवी ने आगे कहा कि यही वजह है कि इस फिल्म को देखने को बाद में ही नागपुर में हिंसा हुआ दंगा हुआ। मौलाना ने कहा कि यह दंगा निहायती अफसोस जनक है। मैंने अपने पत्र के माध्यम से गृहमंत्री से मांग की है, कि इस फिल्म पर पाबंदी लगाई जाए। इसके डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और जितनी जल्दी मुमकिन हो उतनी जल्दी फिल्म 'छावा' पर प्रतिबंध लगाया जाए। जितना ही इस फिल्म का सर्कुलेशन बढ़ेगा जितना ही लोग उसको देखेंगे उतनी ही तेजी के साथ रिप्लाई होंगे और उनके दिलों दिमाग में एक हेड स्पीच के तौर पर नफरत उत्तेजना भड़काऊ वाली बातें पैदा होगी। मौलाना ने आगे कहा कि मैंने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि भारत का मुसलमान औरंगजेब बादशाह को सिर्फ शासक बादशाह मानता है इसके अलावा कुछ नहीं मानता औरंगजेब को मुसलमान ना अपना रहनुमा मानता है ना ही आइडियल मानता है। यह कुछ हिंदूवादी संगठन औरंगजेब को लेकर पूरे देश में उत्तेजना फैल रहे हैं।
हिन्दूवादी संगठन उग्रता फैला रहे हैंः मौलाना बरेलवी
मौलाना ने आगे कहा कि देश में कुछ लोग मुसलमान को भड़का रहे हैं और रेड करने के लिए आमादा कर रहे हैं। तो ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए रोक लगाना चाहिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की हेड स्पीच के तौर पर गाइडलाइंस है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को अमली जामा पहनाया जाना चाहिए। मैंने इस पत्र में होम मिनिस्टर से मांग की है, जो हिंदूवादी संगठन है उग्रता फैला रहे हैं। जगह-जगह दंगा प्रदर्शन की बात कर रहे हैं इसके संबंध में ऐसे ही मुस्लिम संगठनों के ताल्लुक से भी हुकूमत के लिए गाइडलाइन जारी करें। आदेश दें कि, ऐसे लोगों को चिन्हित कर और हर कदम की निगरानी की जाए कानून व्यवस्था लॉ एंड ऑर्डर चुस्त दुरुस्त किया जाए।
Advertisement
मौलाना ने गृहमंत्री से 'छावा' फिल्म को बैन करने की मांग की
मौलाना ने बताया कि उन्होंने गृहमंत्री को लिख पत्र में आगे लिखा है कि गृहमंत्री कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन को टाइट करें ताकि भविष्य में नागपुर की तरह किसी दूसरे शहर को ना जलाया जाए जिसने घटना हुई वहां मीडिया के साथ माध्यम से अमन शांति की अपील की और मस्जिदों से अपील की इसके अलावा नागपुर में जो मस्जिद के हजरत मेरे संपर्क में रहते है उनको लगाकर के लोगो को मोटिवेट करके शांति की अपील रात भर करता रहा है, मेरी मांग है पत्र के माध्यम से गृहमंत्री जी से की इस समय देश में जो सूरत-ए-हाल है उसको देखते हुए देश में फिल्म 'छावा' पर प्रतिबंध लगाया जाए।