सुखेंदु से कोयल मल्लिक तक... 4 दिनों में TMC के 4 सांसदों का इस्तीफा, कांग्रेस में विलय का ऑफर, आखिर TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी क्यों हैं खामोश?

Mamata Banerjee: ममता बनर्जी अपनी आंखों के सामने पार्टी को बुरी तरह से टूटते देख रही हैं। एक के बाद एक नेता-विधायक-सांसद बगावत कर रहे हैं और खुलकर पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं। इन सबके बीच उनकी खामोशी सवाल खड़े कर रही है।

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Mamata Banerjee silence on TMC Split
टीएमसी में मची उथल-पुथल पर ममता चुप | Image: Republic

TMC: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर दिन नई मुसीबत में घिर रही हैं। विधायकों के बाद एक के बाद एक करीबी सांसद भी उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं। आज (11 जून) राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक और एक्ट्रेस-सांसद कोयल मल्लिक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस तरह से चार दिनों में चार सांसद ममता का साथ छोड़ चुके हैं। इस बीच कल्याण बनर्जी ने भी अब ममता बनर्जी को अपने भतीजे और उनमें से किसी एक को चुनने को कह दिया है। पार्टी में इतना कुछ हो रहा है, इन सब पर ममता बनर्जी की चुप्पी सवाल खड़े करती है।

पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत की आग पहले कोलकाता में लगी, जब पार्टी से अलग होकर अपना एक अलग गुट बना लिया है। इस बागी गुट ने निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी को अपना विधायक दल का नेता चुना है। इसके बाद इस आग की लपटें फैलते हुए दिल्ली तक आ गई। 

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी 'खेला'

विधायकों के बाद अब ममता के सांसद भी बगावत पर उतर आए हैं। लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगह TMC की स्थिति कमजोर हो रही है। काकोली घोष दस्तीदार ने बगावत का रास्ता चुन लिया है। उन्होंने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है और बागी गुट की अगुवाई कर रही हैं। काकोली दावा कर रही हैं कि उनके साथ लोकसभा के करीब 20 TMC सांसद हैं।

एक के बाद एक सांसद हो रहे बागी

इस बीच, अभिनेत्री और सांसद कोयल मल्लिक ने भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक ने भी इस्तीफा दिया था। इससे TMC की राज्यसभा में संख्या 13 से घटकर महज 9 रह गई है।

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इस बीच TMC के वरिष्ठ नेता और सीनियर वकील कल्याण बनर्जी भी नाराज हो गए हैं। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर अपमान करने का आरोप लगाते हुए ममता के सामने शर्त रख दी है कि उन्हें तय करना होगा कि पार्टी में अभिषेक रहेंगे या कल्याण बनर्जी।

इस बीच सूत्रों से जुड़ी बड़ी खबर ये भी है कि सोनिया गांधी ने टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को कांग्रेस ज्‍वाइन करने का ऑफर दिया है। जानकारी मिली है कि ममता बनर्जी को कांग्रेस उपाध्‍यक्ष और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्‍ट्रीय महासचिव के पद ऑफर किया है।

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ममता बनर्जी की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आए अभी एक महीने से कुछ ही दिन ज्यादा हुए हैं और इतने कम समय में ममता बनर्जी अपनी आंखों के सामने पार्टी को बुरी तरह से टूटते देख रही हैं। एक के बाद एक नेता-विधायक-सांसद बगावत कर रहे हैं और खुलकर पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं। बावजूद इसके ममता बनर्जी पूरी तरह खामोश हैं। न तो ममता करीबी नेताओं के साथ छोड़ने जाने पर बोल रही हैं और न ही कांग्रेस के इस ऑफर पर उन्होंने कुछ कहा है।

उनकी इस असामान्य चुप्पी ने पूरे राजनीतिक गलियारे में सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ नेता इसे रणनीतिक चुप्पी बता रहे हैं, तो कुछ उनकी बेबसी मान रहे हैं। 

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड