TMC से बागी हुईं सायोनी घोष पर ममता बनर्जी का एक्शन, यूथ विंग के अध्यक्ष पद से हटाया, अब किसे सौंपी जिम्मेदारी?
Mamata Banerjee action on Saayoni Ghosh: ममता बनर्जी ने बागियों पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। पार्टी सुप्रीमो ने सायोनी घोष को टीएमसी यूथ विंग के अध्यक्ष पद से हटा दिया है।
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Saayoni Ghosh Removed as TMC Youth Congress President: TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी से बगावत करने वाली सायोनी घोष पर बड़ा एक्शन लिया है। उन्हें TMC यूथ विंग के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। सायोनी की जगह यह जिम्मेदारी अब अर्नब बनर्जी को सौंपी गई है। साल 2023 में सायोनी को TMC की यूथ विंग की अध्यक्ष बनाया गया था।
बागियों की लिस्ट में सायोनी भी शामिल
सायोनी की गिनती कुछ समय पहले तक ममता बनर्जी की फायरब्रांड नेताओं में होती थी। राघव चड्ढा ने जब AAP छोड़ी थी, तब उन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा था, 'मैं सायोनी घोष हूं, राघव चड्ढा नहीं जो चड्डी बन जाऊं।' उनके इस बयान पर काफी विवाद भी हुआ था। अब उन्हीं सायोनी का नाम TMC से बागी हुए 19 लोकसभा लिस्ट में शामिल है।
TMC में विधायकों के बाद सांसद भी बागी हो गए हैं। पार्टी से बगावत करने वाले सांसदों की एक नई लिस्ट सामने आई है, जिसमें 19 एमपी के साइन हैं। इसमें सायोनी घोष ने भी हस्ताक्षर शामिल हैं, जो ममता बनर्जी के लिए बहुत बड़ा झटका है।
2021 में TMC में हुई थीं शामिल
सायोनी घोष का सफर बंगाली सिनेमा (टॉलीवुड) की एक लोकप्रिय अभिनेत्री और गायिका से शुरू होकर पश्चिम बंगाल की राजनीति तक पहुंचा। वर्तमान में वे जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद हैं।
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सायोनी की गिनती अभिषेक बनर्जी के करीबी नेताओं में होती थी। बताया जाता है कि ममता बनर्जी के भतीजे के कहने पर उन्होंने 2021 में चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ज्वाइन की और राजनीति में कदम रखा। इसके बाद पार्टी ने उन्हें आसनसोल से चुनाव लड़ाया, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें जादवपुर संसदीय सीट से मैदान में उतारा। इस सीट से चुनाव जीतकर सायोनी संसद पहुंची थीं।
'काबा-मदीना सॉन्ग' से बीजेपी पर बोला था हमला
'जूनियर ममता' कही जाने वाली सयानी घोष बंगाल विधानसभा प्रचार के दौरान चर्चा में आई थीं। 'हृदय मा छे काबा और नयने मदीना...' यानी दिल में काबा और आंखों में मदीना लोकगीत गाने वाली घोष इस गाने को गाकर बीजेपी के निशाने पर आ गई थीं। बीजेपी नेताओं ने इस गाने को सांप्रदायिक बताकर उनकी खूब आलोचना की थी।