नंदीग्राम उपचुनाव: AITMC उम्मीदवार संचिता ने नाम वापस लिया तो भड़कीं ममता, कांग्रेस को समर्थन का किया ऐलान, कहा- ये गंदा खेल लेकिन हम मुकाबला...
ममता बनर्जी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा, "वे नहीं जानते कि मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को नहीं छोड़ सकती। जब तक मैं इस दुनिया से नहीं चली जाती, यह हमेशा मेरे साथ रहेगी।"
- भारत
- 4 min read

पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव काफी रोचक हो गया है। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। आज नामांकन की अंतिम तारीख को राजनीतिक ड्रामा चरम पर पहुंच गया। चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ममता बनर्जी गुट और ऋतब्रत बनर्जी गुट को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। साथ ही दोनों गुटों को नए चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद ममता बनर्जी का
इस फैसले से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी आहत नजर आईं। उन्होंने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि यह बिल्कुल गंदा खेल है, लेकिन वे इसका मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को कभी नहीं छोड़ेंगी और आखिरी सांस तक पार्टी के साथ रहेंगी।
मैं आखिरी सांस तक TMC नहीं छोड़ सकती-ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "वे नहीं जानते कि मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को नहीं छोड़ सकती। जब तक मैं इस दुनिया से नहीं चली जाती, यह हमेशा मेरे साथ रहेगी। यह बिल्कुल गंदा खेल है, लेकिन हम भी इसका मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। मैं चाहती हूं कि बीजेपी भारत से चली जाए। हम INDIA गठबंधन में एकजुटता चाहते हैं। नंदीग्राम में, हम कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन देंगे। यह देश के व्यापक हित में है। रेजीनगर के बारे में मैं बाद में फैसला करूंगी। असम में, हम चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।"
नंदीग्राम में क्यों दिया कांग्रेस को समर्थन?
पत्रकारों ने जब ममता बनर्जी से सवाल किया कि क्या संचिता प्रधान (डे) ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से अपना नामांकन इसलिए वापस लिया क्योंकि पार्टी अब कांग्रेस का समर्थन कर रही है, इस पर ममता बनर्जी ने कहा, "नहीं, ऐसा नहीं है। हमने पहले ही कांग्रेस का समर्थन करने का फैसला कर लिया था क्योंकि उनका उम्मीदवार अच्छा है।"
Advertisement
आज लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन
ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के साथ-साथ असम में भी कांग्रेस को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हम देश के हित में ऐसा कर रहे हैं। हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते, लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है। हमारे देश में जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैर-कानूनी, अलोकतांत्रिक और एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए की गई पूरी तरह से पक्षपाती बदले की कार्रवाई है। उन्होंने पहले ही कहा था, 'नाम भी रखने दूंगा, निशान भी नहीं रहने दूंगा।' ये लोग कौन हैं? आज वे सत्ता में हैं, हो सकता है कल न हों। उन्हें अपनी सीमा समझनी चाहिए।"