'पहले ही कहा था- नाम भी नहीं रहने दूंगा और निशान भी नहीं, पहले उद्धव की पार्टी तोड़ी फिर NCP और अब...', सिंबल छीनने पर फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले बंगाल में सियासी पारा हाई हो गया है। पार्टी का सिंबल छीनने के बाद ममता बनर्जी का गुस्सा सातवें आसमान पर है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता ने BJP पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगाया।
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पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सियासी पारा हाई है। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी को झटके पर झटका लग रहा है। एक और चुनाव आयोग ने बड़ा ऐलान करते हुए तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को सिंबल अलॉट कर दिया। आयोग ने यह भी साफ कर दिया कि दोनों गुटों 6 अक्तूबर को होने वाले उपचुनाव में पार्टी का नाम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और उसके फूल और घास सिंबल का प्रयोग नहीं कर सकते। इधर ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने के बाद नंदीग्राम से अपना नामांकन वापस ले लिया।
अब पूरे घटनाक्रम को लेकर ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने का आरोप लगाया। ममता ने कहा, बिहार छत्तीसगढ़ हरियाणा और बंगाल को लूटने का काम बीजेपी ने किया। इसका काम है लूटना, संविधान को खत्म करना, एजुकेशन सिस्टम को खत्म करना। इससे पहले उद्धव ठाकरे की पार्टी को भी ऐसे ही तोड़ा। इसके बाद NCP को तोड़ा और फिर TMC को तोड़ने का काम किया।
पहले उद्धव की पार्टी तोड़ी फिर NCP और अब TMC-ममता
'वोट की चोरी' पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "यह बहुत दुख की बात है। उन्होंने बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बंगाल में लूटा। ये 'झूठी BJP पार्टी', 'जुमला पार्टी' है। इन्होंने पत्रकारों को भी नहीं बख्शा जाता, अगर कोई इनके खिलाफ बोलता है, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। हमसे पहले उद्धव ठाकरे को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था। मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति का सम्मान नहीं करती जो सिर्फ भाजपा के अहंकार को संतुष्ट करने में लगा हो।"
नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन-ममता बनर्जी
इसके साथ ममता बनर्जी ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा, "हम नंदीग्राम और असम में कांग्रेस को अपना समर्थन दे रहे हैं। हम ऐसा देश के व्यापक हित में कर रहे हैं।" ममता ने आगे कहा, 'हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते, लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है।"
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बीजेपी पर ममता का गंभीर आरोप
"हमारे देश में जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैर-कानूनी, अलोकतांत्रिक और एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए की गई पूरी तरह से पक्षपाती बदले की कार्रवाई है। उन्होंने पहले ही कहा था, 'नाम भी रखने दूंगा, निशान भी नहीं रहने दूंगा।' ये लोग कौन हैं? आज वे सत्ता में हैं, हो सकता है कल न हों। उन्हें अपनी सीमा समझनी चाहिए।"