संजय निरुपम आज शिवसेना में होंगे शामिल, 20 साल बाद होगी घर वापसी, समर्थकों की ये खास अपील
कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता संजय निरुपम 3 मई, शुक्रवार को शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट ज्वाइन करेंगे।
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Sanjay Singh Join Shiv Sena Today: कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता संजय निरुपम 3 मई, शुक्रवार को शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट ज्वाइन करेंगे। लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद अपनी पार्टी से बगावत करने वाले नेता संजय निरुपम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शुक्रवार 3 बजे शामिल होंगे। निरुपम को पार्टी में शामिल करवाने के लिए खुद शिवसेना के प्रमुख और राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे खुद मौजूद रहेंगे।
टिकट को लेकर बात नहीं बनने के बाद पिछले दिनों संजय निरुपम ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी दी थी। इसके बाद से वो लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। निरुपम ने बीजेपी के घोषणापत्र को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। चुनावों के बीच उन्होंने 'बीफ' का मुद्दा भी उछला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस में सभी नेता बीफ खाते हैं। संजय निरुपम की 20 साल बाद घर वापसी हो रही है। शिवसेना में शामिल होने वक्त संजय निरुपम सैकड़ों समर्थक भी उनके साथ होंगे।
संजय निरुपम ने समर्थकों से की ये अपील
2 मई को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवसेना में शामिल होने का ऐलान किया। संजय निरुपम वीडियो संदेश में कहा, नमस्कार, आखिरकार फैसला हो गया है। चलो ठाणे ! कल से शिवसेना के भगवा के साथ। जय महाराष्ट्र ! भारी संख्या में मौजूदगी दर्ज करें। बता दें कि निरुपम 2005 में शिवसेना को छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया था उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया था।
संजय निरुपम का शक्ति प्रदर्शन
मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके संजय निरुपम की उत्तर भारतीय वर्ग में काफी अच्छी पकड़ मानी जाती है। निरुपम ने शिवसेना में शामिल होने के मौके पर सार्वजनिक निमंत्रण देकर बड़ी संख्या में समर्थकों को मौजूद रहने को कहा है। ऐसे में वो आज एक तरह से शक्ति प्रदर्शन भी करना चाहते हैं।
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कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप
बीते दिनों संजय निरुपम ने रिपब्लिक भारत से बात करते हुए कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भी कंभी आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था- ‘कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता निकम्मा है। सब बोल बच्चन हैं। कांग्रेस की सबसे बड़ी संपत्ति चमचागिरी है। कांग्रेस बिहार के चीनी मिल की तरह है। पहले इनका बड़ा बोलबाला था, लेकिन अब खंडहर हो चुके हैं।’