Waqf Bill: 'भाई-भाई करने दो ना...2026 में चुनाव है ना इसलिए डरे हुए हैं', जब अमित शाह ने सदन में अपने सांसदों को कराया शांत

अमित शाह ने कहा, “भाई-भाई करने दो ना यह डरे हुए हैं, यह 26 के कारण डरे हुए हैं शांत हो जाएंगे और कोई कारण नहीं है, चुनाव जो है ना अक्टूबर में, बैठ जाओ बैठ जाओ।"

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Amit Shah In Lok Sabha
Amit Shah In Lok Sabha | Image: Sansad TV

Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के समर्थन में बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक सदस्य ने कहा कि पुराने कानून यानी 2013 के अमेंडमेंट में अपील का प्रावधान था, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि 83(9) में अधिकरण द्वारा किए गए किसी भी विनिश्चय का आदेश चाहे वो अंतरिम हो या फाइनल इस पर अपील नहीं हो सकती। इसका मतलब अपील का प्रावधान आपने रखा ही नहीं था।

अमित शाह ने कहा कि सिविल न्यायालय, राजस्व कोर्ट और अन्य प्राधिकरण और उसके अधिकार क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगाया गया था और सरकारी अधिसूचना जो बाद में वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद के लिए जो एडवाइजरी होती थी उसको भी कोई चुनौती नहीं दे सकता था। मान्यवर मुझे बताइए कि अभी-अभी फैशन है संविधान लहराने का। इस संविधान के हिसाब से सरकार का या किसी भी निजी संस्था का कोई भी फैसला कायदे की कोर्ट से बाहर कैसे हो सकता है? कोई भी फैसला इस देश की अदालत की उस फैसले तक पहुंच ही नहीं रखती है, नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर कहां जाएंगे, जिसकी भूमि हड़प कर ली गई वह कहां जाएंगे, ऐसा नहीं चलेगा। आपकी वोट बैंक के लिए आपने किया था हम इसे खारिज कर रहे हैं। हम खारिज कर रहे हैं ऐसा नहीं चलेगा। अदालत में जाइए जिसको समस्या है दोनों तरफ से अदालत में जाइए। अदालत न्याय करेंगी, न्याय के लिए ही तो अदालत में बनी है।

भारत सरकार का कानून है सबको मानना पड़ेगा- अमित शाह

गृहमंत्री ने लोकसभा में कहा कि मान्यवर यहां तो एक सदस्य ने कह दिया माइनॉरिटी कानून को स्वीकार नहीं करेगी, क्या धमकाना चाहते हो भाई, संसद का कानून है सबको मानना पड़ेगा। स्वीकार नहीं करेंगे इसका क्या मतलब है, कैसे बोल सकते हैं हम कानून को स्वीकार नहीं करेंगे, यह कानून भारत सरकार का है, हर एक पर बंधन करता है और उसको स्वीकार करना पड़ेगा।

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मान्यवर यह कह रहे थे कि कोई गड़बड़ियां नहीं हुई इसी बीच विपक्ष के सांसद हंगामा करने लगे 2013 मैं अन्यायी कानून आया...विपक्षी सांसद शोर करने लगे जवाब में बीजेपी के सांसद भी खड़े हो गए। तभी अमित शाह ने कहा, “भाई-भाई करने दो ना यह डरे हुए हैं, यह 26 के कारण डरे हुए हैं शांत हो जाएंगे और कोई कारण नहीं है, चुनाव जो है ना अक्टूबर में, बैठ जाओ बैठ जाओ भाई बैठ जाओ।”

अल्पसंख्यकों को डराकर वोट बैंक खड़ी विपक्ष का मकसद- अमित शाह

गृहमंत्री ने कहा कि जो बड़े-बड़े भाषण करते हैं समानता का अधिकार चला गया, दो धर्म के बीच में समानता नहीं रही, मुसलमान के धार्मिक अधिकारों के बीच में दखल खड़ी हो जाएगी, ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। इस दृष्टि से देखे तो 1995 तक वक्फ की काउंसिल और वर्क बोर्ड था ही नहीं, वह तो 1995 से आया है। यह जो बखोड़ा खड़ा किया जाता है यह एक्ट मुस्लिम भाइयों के धार्मिक क्रियाकलापों के अंदर, उनके दान किए हुए संपत्ति के अंदर दखल करने का है, यह बहुत बड़ी भ्रांति फैलाकर अल्पसंख्यकों को डराकर अपनी वह वोट बैंक खड़ी करने के लिए किया जा रहा है।

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Published By:
 Deepak Gupta
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