ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स: आज नाश्ते पर मिलेंगे CM सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार, कितना गुल खिलाएगी ये मुलाकात?

CM Siddaramaiah-DK Shivakumar: कर्नाटक में नेतृत्व विवाद के बीच सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार आज नाश्ते पर मुलाकात करेंगे।

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karnataka congress cm siddaramaiah dk shivakumar | Image: Republic

CM Siddaramaiah-DK Shivakumar: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान के बीच सीएम सिद्धारमैया ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को आज नाश्ते पर आमंत्रित किया है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात पार्टी हाईकमान के निर्देश पर हो रही है, ताकि अटकलबाजी की सुगबुगाहट पर रोक लगाई जा सके।

दरअसल, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। ऐसे में सत्ता संतुलन को लेकर बयानबाजी जारी है। पिछले दो दिनों से सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच बयानों के तीर चल रहे थे। सोशल मीडिया पर भी दोनों एक-दूसरे पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साध रहे थे। इस बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि हाईकमान जो भी फैसला लेगा वह उसे मानेंगे। उन्होंने कहा कि गतिरोध खत्म करने के उद्देश्य से हाईकमान ने उन्हें साथ बैठकर मामले में बातचीत करने को कहा है।

हाईकमान जो कहेगा, मानूंगा- CM सिद्धारमैया

सीएम सिद्धारमैया ने X पर ट्वीट कर लिखा, 'मैं अपने रुख पर कायम हूं। मैंने पहले ही बता दिया है कि पार्टी के वरिष्ठों ने जो कहा है, मैं उसके अनुसार काम करूंगा। आज भी और कल भी, मैं यही कहूंगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुझे और  डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को बुलाया है और मिलने का निर्देश दिया है। इसलिए, मैंने उन्हें लंच पर बुलाया है, जहां हम चर्चा करेंगे। डीके शिवकुमार ने भी  कहा है कि वह हाईकमान के कहे को मानेंगे। अगर हाईकमान मुझे दिल्ली बुलाता है, तो मैं जाऊंगा।'

नाश्ते पर होगा समझौता?

सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सुबह लगभग 9.30 बजे होने वाली इस मुलाकात को पार्टी में बढ़ती खींचतान को थामने के लिए हाईकमान की पहल मानी जा रही है। ऐसे में हर किसी की नजरें इस मीटिंग पर टिकी हुई है।

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कर्नाटक सरकार में दोनों नेताओं के बीच ढाई साल का समय बीत चुका है। इसी के साथ पुराने पावर शेयरिंग समझौते की चर्चा फिर तेज हो गई है। 2023 के चुनाव के बाद कथित 2.5 साल के पावर शेयरिंग फॉर्मूले पर शिवकुमार खेमे ने दावा ठोंका कि पांच-छह नेताओं के बीच सीक्रेट समझौता हुआ था। लेकिन सिद्धारमैया समर्थकों ने इसे नकारते हुए कहा कि वह पूरे कार्यकाल के लिए सीएम रहेंगे।

हाईकमान से मिली हिदायत

हाईकमान की ओर से फोन पर दोनों नेताओं को एकजुट दिखने की हिदायत दी गई है। ऐसा इसलिए सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की छवि पर असर पड़ रहा है। वहीं डीके शिवकुमार का कहना है कि वह जल्दबाजी में नहीं हैं और दिल्ली उनका मंदिर है, जहां सब तय होगा। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस मौके को भुनाने की कोशिश में है और अविश्वास प्रस्ताव लाने की चेतावनी भी दे दी है। 

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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