'एक चुटकी सिंदूर की कीमत आतंकियों को समझ आ गई होगी', पहलगाम हमले का बदला लेने के बाद बोले कपिल मिश्रा, कहा- मोदी ने बता दिया
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आज आतंकियों और उनके आकाओं को एक चुटकी सिंदूर की कीमत समझ आ गई होगी।
- भारत
- 3 min read

Kapil Mishra on Operation Sindoor: भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर के जरिये ले लिया। इसके तहत भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें अबतक करीब 90 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इस बीच दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आज आतंकियों और उनके आकाओं को एक चुटकी सिंदूर की कीमत समझ आ गई होगी।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कपिल मिश्रा ने कहा, 'पूरे देश की विजय की भावना है। यह हर किसी को पता था कि पीएम मोदी छोड़ने वाले नहीं हैं। एक चुटकी सिंदूर की कीमत आज आतंकियों और उनके आकाओं को समझ आ गई होगी। उन्होंने नाम पूछ-पूछकर मासूमों को मारा था। लेकिन, आज उनका नाम लेने वाला कोई बचा नहीं है। उन्होंने कहा था कि जाकर मोदी को बता देना, आज मोदी ने बता दिया।'
मोदी ने बता दिया- मनोज तिवारी
वहीं बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी ऑपरेशन सिंदूर पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर एक वीडियो जारी किया है जिसमें आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया जा रहा है। भारतीय सेना एयर स्ट्राइकर कर रही है। इसके कैप्शन में लिखा है- 22 अप्रैल: मोदी को बता देना? 07 मई: मोदी ने बता दिया।
मोदी-शाह ने कहा था- बख्शा नहीं जाएगा
जाहिर है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा था कि आतंकवादियों और उनके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा। अमित शाह कह चुके थे कि चुन-चुनकर बदला लिया जाएगा। भारत ने ये संकल्प अब सर्जिकल कार्रवाई में बदल दिया है। खुफिया एजेंसियों की जानकारी पर आधारित इन हमलों में उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से भारत में आतंकी हमलों की साजिशें रची जाती थीं।
Advertisement
लश्कर, जैश और हिजबुल के अड्डे पर हमला
भारत के इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के मुख्यालय को तबाह कर दिया गया। लश्कर का गढ़ 'मरकज ए तैयबा', जहां 26/11 का आतंकी अजमल कसाब ट्रेनिंग ले चुका था, अब मलबे में तब्दील हो चुका है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय ‘मस्जिद जश-शुभानअल्लाह’ भी पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है। इसके अलावा हिजबुल के कई ट्रेनिंग कैम्प भी निशाने पर रहे।
बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को क्या हुआ था?
पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को अत्याधुनिक हथियारों से लैस पाकिस्तानी आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर 26 लोगों की हत्या कर दी थी। घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछ-पूछकर निशाना बनाया था। आतंकी यहीं नहीं रूके थे, पुरुषों की पैंट उतरवाई और प्राइवेट पार्ट देखकर चेक किया कि हिंदू हैं या मुस्लिम और फिर गोली मार दी। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश है।