'कौन से सभ्य देश में खुली रैली में प्रधानमंत्री की कब्र...', कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी पर बोलीं कंगना रनौत, हम दुश्मन नहीं हैं
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस की मेगा रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी पर कहा कि वे इस देश के, 140 करोड़ जनता के चुने हुए प्रधानमंत्री हैं। हम इस तरह की राजनीति से बहुत दुखी हैं और चिंतित भी हैं।
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कांग्रेस पार्टी की दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'वोट चोर, गद्दी छोड़' महारैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए कथित आपत्तिजनक नारों को लेकर बीजेपी हमलावर है। सोमवार को यह मुद्दा सदन में भी गूंजा और बीजेपी सांसदों ने माफी की मांग को लेकर जमकर हंगामा। लोकसभा और राज्यसभा में बवाल के बाद सदन स्थगित करना पड़ा। अब पूरे विवाद पर एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत की प्रतिक्रिया आई है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस की मेगा रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी पर कहा, "कौन से सभ्य देश में इस तरह से खुलेआम एक रैली में आप किसी के मरने की बद्दुआएं देते हैं। किसी को अपशब्द कहते हैं। राजनीति का यह मतलब नहीं होता है। हमारी विचारधाराएं भले अलग हैं लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं।
पीएम मोदी के लिए अपशब्द सुनकर आहत हूं-कंगना
इस तरह के नारे लगाना, गंदे अपशब्द कहना गलत है, किसे के मरने की कामना करना। हम इससे बहुत आहत हैं। वे इस देश के, 140 करोड़ जनता के चुने हुए प्रधानमंत्री हैं। हम इससे बहुत दुखी हैं और चिंतित भी हैं कि राजनीति में ये किस तरह का माहौल बन रहा है? कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।
कब्र खोदने की बात अत्यंत निंदनीय-किरेन रिजिजू
वहीं, लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा कब्र खोदने की बात अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कांग्रेस से सदन के माध्यम से देश से माफी मांगने की मांग की। राज्यसभा में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कांग्रेस की "सोच और मानसिकता" पर सवाल उठाए और राहुल और सोनिया गांधी से सार्वजनिक माफी की मांगने की बात कही।
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कांग्रेस को माफा मांगनी चाहिए-किरेन रिजिजू
किरेन रिजिजू ने कहा, 2014 में हमारे एक सांसद निरंजन ज्योति ने एक गलत शब्द विपक्ष के नेताओं को लेकर इस्तेमाल किया था, तुरंत प्रधानमंत्री ने उनसे सदन में माफी मांगने को कहा और उन्होंने माफी मांगी। भाजपा, NDA की ओर से कभी किसी का नाम लेकर किसी के माता, पिता के लिए अपशब्द और किसी को मौत के घाट उतारने की बात नहीं की गई।
लोकतंत्र में राजनीतिक लड़ाई होती है लेकिन कभी किसी ने न तो किसी को जान से मारने की बात की और न सोची लेकिन यह किस तरह की मानसिकता है कि ये विरोधी को खुलेआम जान से मारने का ऐलान करते हैं। प्रधानमंत्री को सारी दुनिया मानती है उसमें कुछ विपक्ष के लोग अगर प्रधानमंत्री को जान से मारने की बात कहते हैं तो यह दुखद है। सिर्फ खंडन करने से नहीं होगा, सदन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए।