असम और तमिलनाडु चुनाव को लेकर BJP का बड़ा ऐलान, पीयूष गोयल को मिली बड़ी जिम्मेदारी तो ये नेता बने असम के चुनाव प्रभारी
असम और तमिलनाडु में अगामी विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी के नाम की घोषणा कर दी है। पीयूष गोयल को तमिलनाडु तो बैजयंत पांडा को असम का चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को दो बड़े ऐलान किए। आगामी 2026 विधानसभा चुनावों को देखते हुए चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी की घोषणा की गई है। BJP ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को तमिलनाडु का तो पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा को असम का चुनाव प्रभारी नियुक्त है।
असम और तमिलनाडु में अगामी विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी के नाम की घोषणा कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी किए गए लेटर के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल चुनाव प्रभारी बनाए गए हैं। जबकि असम विधानसभा चुनाव के लिए यह जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा को सौंपी गई है।
पीयूष गोयल और बैजयंत पांडा बने चुनाव प्रभारी
तमिलनाडु में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल चुनाव प्रभारी होंगे तो अर्जुन राम मेघवाल और मुरलीधर मोहोल सह-प्रभारी होंगे। वहीं, असम में सुनील कुमार शर्मा और दर्शना बेन जरदोश सह-प्रभारी होंगे। यहां बैजयंत पांडा चुनावी प्रभारी की भूमिका में होंगे।
यह कदम पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व द्वारा इन महत्वपूर्ण राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
तमिलनाडु में भाजपा की नई कोशिश
तमिलनाडु में भाजपा लंबे समय से द्रविड़ पार्टियों के दबदबे वाले राजनीतिक परिदृश्य में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पीयूष गोयल का प्रशासनिक अनुभव और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी मजबूत छवि पार्टी को गठबंधन प्रबंधन, बूथ स्तर की नेताओं की एकजुटता और चुनावी संदेश को मजबूत बनाने में मदद करेगी। गोयल की नियुक्ति से तमिलनाडु में भाजपा की पहुंच को नई धार मिलने की उम्मीद है।
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बैजयंत पांडा के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी
दूसरी ओर बैजयंत पांडा पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी के लिए पहले से परिचित चेहरा हैं और उनकी संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण है। पांडा पहले भी असम सहित कई राज्यों में चुनावी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं, जहां पार्टी को सफलता मिली थी। अब उनके कंधे पर पार्टी ने एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।