'बरहेट से चुनाव कैसे लड़ेंगे जब...', बीजेपी छोड़ JMM में क्यों शामिल हुईं लुईस मरांडी? बताई ये वजह

बीजेपी की कद्दावर नेता रहीं लुईस मरांडी ने भाजपा छोड़कर झामुमो का दामन थाम लिया है। JMM में शामिल होने के बाद लुईस ने पार्टी छोड़ने की वजह खुलकर जाहिर की।

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Louis Marandi
Louis Marandi | Image: ANI

Lois Marandi on Joining JMM: झारखंड में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य में पिछली बार पांच चरणों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार सूबे में दो चरणों में मतदान होगा। इस बीच चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की कद्दावर नेता रहीं लुईस मरांडी ने भाजपा छोड़कर झामुमो का दामन थाम लिया है। JMM में शामिल होने के बाद लुईस मरांडी ने पार्टी छोड़ने की वजह खुलकर जाहिर की।

झारखंड में जितनी आसानी से एनडीए ने सीटें बांटीं, उतनी ही परेशानी का सबब उनके लिए उम्मीदवारों की घोषणा बन गई। यही वजह रही कि पार्टी के दो और पूर्व विधायक लुईस मरांडी और कुणाल सारंगी सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में शामिल हो गए। इससे दो दिन पहले ही तीन बार के भाजपा विधायक केदार हाजरा और आजसू पार्टी के उमाकांत रजक के झामुमो में शामिल हो गए थे।

लुईस मरांडी ने थामा JMM का दामन

दुमका सीट से तीन बार चुनाव लड़ने वाली और बीजेपी के शासनकाल में मंत्री रहीं लुईस मरांडी ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोमवार देर शाम अपने इस्तीफे का ऐलान किया। सीट बंटवारे को लेकर उनकी पार्टी से नाराजगी की खबरें थी कि जो लुईस मरांडी की प्रतिक्रिया के सामने आने के बाद सही साबित हुईं। लुईस मरांडी ने बताया कि उन्हें दुमका की जगह बरहेट से चुनाव लड़ने के लिए कहा जा रहा था जो उन्हें मंजूर नहीं था।

लुईस ने बताई बीजेपी छोड़ने की वजह

पूर्व बीजेपी नेता लुईस मरांडी ने JMM में शामिल होने पर कहा, 'हमने पार्टी (भाजपा) को बहुत लंबा समय दिया, पार्टी की सेवा की, पार्टी के हर निर्देश का बहुत ईमानदारी से पालन किया, लेकिन चुनाव के समय पार्टी ने कहा कि हमें बरहेट से चुनाव लड़ना है। हमने दुमका को 24 साल दिए हैं, हम बरहेट से चुनाव कैसे लड़ेंगे, हमें उस जगह के बारे में कुछ भी नहीं पता...इसलिए हमने कहा कि हम बरहेट से चुनाव नहीं लड़ सकते। उसके बाद भी घोषणा हुई और दुमका से किसी और को टिकट दिया गया। तब हमने संकल्प लिया कि चूंकि हमने लोगों की सेवा करने का फैसला किया है...इसलिए हम चुनाव लड़ना चाहते हैं। हमने हेमंत सोरेन से संपर्क किया और उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकारा। हम उन्हें अपना अभिभावक मानते हैं, यह उन पर निर्भर है कि वे हमें चुनाव लड़ाते हैं या नहीं।'

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लुईस ने कभी हेमंत को दुमका सीट पर दी थी पटखनी

बता दें कि लुईस मरांडी दुमका से तीन बार चुनाव लड़ चुकी हैं। 2014 के चुनाव में उन्होंने हेमंत सोरेन को हराया था। इससे पहले 2009 और 2019 के चुनाव में उन्हें झामुमो उम्मीदवार हेमंत सोरेन से शिकस्त मिली थी। अब हेमंत को मात देने वाली लुईस पाला बदलते हुए हेमंत के खेमे यानि झामुमो में शामिल हो गई हैं। 

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Published By :
Priyanka Yadav
पब्लिश्ड