'लोग हंस रहे हैं, संविधान को कभी मानीं नहीं, बंगाल को बांग्लादेश बनाने...', ममता के इस्तीफे न देने की धमकी पर गिरिराज ने बताया आगे क्या होगा

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 'अब संविधान उन्हें कुर्सी से हटा देगा।', जानें संविधान के नियम इसको लेकर क्या कहते हैं। क्या मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर सकता है? पढ़ें पूरी खबर, क्या कहता है संविधान?

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Giriraj Singh said on Mamata Banerjee's refusal to resign
द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी | Image: ANI

West Bengal Constitutional Crisis: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार करने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए ये भी कहा कि, 'ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी संविधान का सम्मान नहीं किया।'

'आमी इस्तीफा ना देबो'- ममता बनर्जी

बतादें ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं हारी नहीं हूं, हराया गया है। मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं है। नैतिक तौर पर हम जीते हैं। 

बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती थीं ममता-  मंत्री गिरिराज

गिरिराज सिंह ने कहा कि जनता ने ममता बनर्जी के शासन को नकार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, 'लोग हंस रहे हैं कि वह संविधान को कभी मानती ही नहीं थीं। वह बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती थीं, लेकिन राज्य की जागरूक जनता ने उन्हें हरा दिया।' मंत्री गिरिराज ने दावा किया कि आज बंगाल के लोग टीएमसी (TMC) के डर से मुक्त होकर खुश हैं।

राज्यपाल हस्तक्षेप करेगा को बेइज्जती वाली बात- गिरिराज

ममता बनर्जी के पद न छोड़ने की खबरों पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर वह खुद नहीं हटती हैं, तो संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उन्हें हटा दिया जाएगा। गिरिराज सिंह ने कहा कि राज्यपाल के पास विशेष शक्तियां हैं। मंत्री गिरिराज ने आगे कहा कि, अगर राज्यपाल को हस्तक्षेप कर उन्हें हटाना पड़ा, तो यह उनके लिए और भी ज्यादा बेइज्जती वाली बात होगी। 

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ममता बनर्जी का इस्तीफा से इनकार, संविधान क्या कहता है?

भारतीय संविधान के अनुसार, कोई भी सरकार या मुख्यमंत्री केवल 5 साल के कार्यकाल तक ही पद पर रह सकता है। अनुच्छेद 172 स्पष्ट करता है कि विधानसभा का कार्यकाल प्रथम बैठक से 5 वर्ष का होता है, जिसके पूरा होते ही वह खुद से भंग हो जाती है।

संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत- ‘बर्खास्त' कर सकते हैं   

वहीं, संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री 'राज्यपाल की इच्छा' तक पद पर रहता है, जो विधायकों के बहुमत पर निर्भर करती है। यदि निवर्तमान मुख्यमंत्री चुनाव हारने के बाद इस्तीफा नहीं देता, तो राज्यपाल मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर सकते हैं। विशेषज्ञों का इसपर कहना है कि, चुनाव परिणाम आने के बाद बहुमत नए प्रतिनिधियों के पास चला जाता है। कार्यकाल समाप्त होने पर मुख्यमंत्री का पद स्वतः समाप्त हो जाता है, चाहे वे औपचारिक इस्तीफा दें या नहीं।

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Published By :
Nidhi Mudgill
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