'भारत का संविधान किसी के बाप...', वक्फ बिल पर संसद में ओवैसी के बयान पर भड़के गिरिराज सिंह, दे डाली बड़ी सलाह
वक्फ बिल पर ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा,भारत का संविधान किसी के पिता जी का नहीं है।
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Giriraj Singh On Asaduddin Owaisi: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने ओवैसी को गलतफहमी से बाहर आने की सलाह दी है और कहा कि भारत का संविधान किसी के पिता जी का नहीं है। वक्फ संशोधन बिल पर JPC की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश किया गया था, बिल पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा था कि मैं अपनी मस्जिद और दरगाह का एक इंच जमीन भी लेने नहीं दूंगा।
सोमवार (3 फरवरी) को संसद के बजट सत्र के दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट लोकसभा में पेश की गई थी। वक्फ बिल पर लोकसभा में बोलते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था, "मैं सरकार को सावधान कर रहा हूं और चेतावनी दे रहा हूं कि अगर आप वक्फ विधेयक को वर्तमान रूप में लेकर हैं तो यह आर्टिकल 25, 26 और 14 का उल्लंघन होगा। देश में इससे सामाजिक अस्थिरता पैदा होगी। विधेयक को पूरा मुस्लिम समुदाय ने खारिज कर देगा। कोई भी वक्फ संपत्ति नहीं बचेगी, कुछ नहीं बचेगा। अब ओवेसी के बयान पर गिरिराज सिंह ने पलटवार किया है।
गिरिराज सिंह ने ओवैसी को दी ये सलाह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा,भारत का संविधान किसी के पिता जी का नहीं है। असदुद्दीन ओवैसी को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, ये देश कानून से चलेगा। कोई भी समाज, चाहे वो मुस्लिम हो या हिंदू, कानून से ऊपर नहीं है। किसी को भी कानून से ऊपर बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जो कानून कहेगा वह वक्फ बोर्ड में होगा। वे सामाजिक समानता के बारे में कांग्रेस से जाकर पूछें, कोई भी समाज कानून से ऊपर नहीं है। देश डर से नहीं चलता, देश कानून से चलता है।
वक्फ बिल पर ओवैसी ने क्या कहा?
लोकसभा में बोलते हुए ओवैसी ने यह भी चेतावनी दी थी कि मुसलमान होने के नाते मैं अपनी मस्जिद का एक इंच भी नहीं खोऊंगा। मैं अपनी दरगाह का एक इंच भी नहीं खोऊंगा। मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा। AIMIM प्रमुख ने आगे कहा कि मैं वक्फ में संशोधन होने नहीं दूंगा। हम अब यहां आकर कूटनीतिक बात नहीं करेंगे। यह वो सदन है जहां मुझे खड़े होकर ईमानदारी से बोलना है कि मेरा समुदाय को भारतीय होने पर गर्व है। यह मेरी संपत्ति है, इसे किसी ने दिया नहीं है। आप इसे मुझसे नहीं छीन सकते। वक्फ मेरे लिए इबादत का एक रूप है।