'मस्जिद-दरगाह का एक इंच भी नहीं छोड़ेंगे...', वक्फ बिल पर संसद में ओवैसी ने दी सरकार को चेतावनी
ओवैसी ने कहा कि आप विकसित भारत बनाना चाहते हैं। हम भी चाहते हैं। आप इस देश को 80 या 90 के दशक में वापस लेकर जाना चाहते हैं? यह आपकी जिम्मेदारी होगी।
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Asaduddin Owaisi on Waqf Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर JPC की रिपोर्ट इसी बजट सत्र में पेश हो सकती है। इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में वक्फ विधेयक को लेकर सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को आगाह करना चाहता हूं कि अगर वक्फ संशोधन बिल को इसके मौजूदा स्वरूप में लाया गया तो देश में सामाजिक अस्थिरता आएगी। उन्होंने कहा कि पूरा मुस्लिम समुदाय इसे खारिज कर देगा।
लोकसभा में वक्फ बिल पर बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि मैं अपनी मस्जिद और दरगाह का एक इंच भी नहीं लेने दूंगा। यह मेरी संपत्ति है।
देश में पैदा होगी सामाजिक अस्थिरता-ओवैसी
सोमवार (3 फरवरी) को संसद के बजट सत्र के दौरान ओवैसी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का हिस्सा बने। इस दौरान लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, "मैं सरकार को सावधान कर रहा हूं और चेतावनी दे रहा हूं कि अगर आप वक्फ विधेयक को वर्तमान रूप में लेकर हैं तो यह आर्टिकल 25, 26 और 14 का उल्लंघन होगा। देश में इससे सामाजिक अस्थिरता पैदा होगी। विधेयक को पूरा मुस्लिम समुदाय ने खारिज कर देगा। कोई भी वक्फ संपत्ति नहीं बचेगी, कुछ नहीं बचेगा।"
'80-90 दशक में देश को वापस लेकर जाना चाहते हैं?'
ओवैसी ने आगे कहा कि आप विकसित भारत बनाना चाहते हैं। हम भी चाहते हैं। आप इस देश को 80 या 90 के दशक में वापस लेकर जाना चाहते हैं? यह आपकी जिम्मेदारी होगी। क्योंकि एक गौरवान्वित भारतीय मुसलमान होने के नाते मैं अपनी मस्जिद का एक इंच भी नहीं खोऊंगा। मैं अपनी दरगाह का एक इंच भी नहीं खोऊंगा। मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा।
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AIMIM प्रमुख ने कहा कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। हम अब यहां आकर कूटनीतिक बात नहीं करेंगे। यह वो सदन है जहां मुझे खड़े होकर ईमानदारी से बोलना है कि मेरा समुदाय को भारतीय होने पर गर्व है। यह मेरी संपत्ति है, इसे किसी ने दिया नहीं है। आप इसे मुझसे नहीं छीन सकते। वक्फ मेरे लिए इबादत का एक रूप है।
बता दें कि 27 जनवरी को वक्फ बिल में बदलावों को JPC ने मंजूरी दे दी। इसके बाद अब वक्फ संशोधन बिल को इसी बजट सत्र में संसद में पेश किए जाने की तैयारी है।