अपडेटेड 7 January 2026 at 14:51 IST
Arnab Goswami ने Devendra Fadnavis से पूछा एक सवाल... और महाराष्ट्र में टूट गया BJP का कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन
Maharashtra CM Devendra Fadnavis ने रिपब्लिक को दिए इंटरव्यू में Ambernath में कांग्रेस और Akot में AIMIM के साथ BJP के स्थानीय गठबंधनों को गलत बताया था। इंटरव्यू खत्म होते ही उन्होंने तुरंत दोनों गठबंधन तोड़ने के आदेश दिए।
- भारत
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Ambernath Alliance Break : महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ ऐसा हुआ, जो किसी ने सोचा तक नहीं था। BJP ने अंबरनाथ में कांग्रेस और अकोट में AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) से गठबंधन कर लिया। जब Republic Media Network Editor-in-Chief Arnab Goswami को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इसपर सवाल किया, तो उन्होंने हैरानी जताई और बाद में एक्शन लेते हुए गठबंधन तोड़ने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अर्नब गोस्वामी के गठबंधन संबंधी सीधे सवालों का सामना करने के कुछ ही मिनटों बाद, फोन उठाया और ऐसे आदेश जारी किए जिनसे स्थानीय समीकरणों में बड़ा बदलाव आ सकता है। उन्होंने अंबरनाथ में कांग्रेस और अकोट में AIMIM से गठबंधन तोड़ने के निर्देश दिए हैं। इंटरव्यू खत्म होते ही सीएम ने तुरंत कार्रवाई की और दो जगहों पर विवादास्पद गठबंधन तोड़ने के आदेश दे दिए।
क्या हुआ था?
अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी ने सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। इससे शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को बाहर कर दिया गया। इसी तरह अकोट में बीजेपी ने AIMIM के साथ समझौता किया था। ये दोनों गठबंधन स्थानीय स्तर पर बने थे, जहां व्यक्तिगत दुश्मनी या सुविधा के लिए नेताओं ने फैसले लिए।
फडणवीस ने क्या कहा?
इंटरव्यू में अर्नब गोस्वामी ने सीधा सवाल पूछा कि बीजेपी का कांग्रेस से गठबंधन कैसे हो सकता है? फडणवीस ने साफ कहा – "ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह गलत है।" उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में कभी-कभी स्थानीय नेता अपनी सुविधा से ऐसे फैसले ले लेते हैं, लेकिन पार्टी की विचारधारा के खिलाफ ऐसा नहीं चल सकता। उन्होंने इसे स्वीकार नहीं करने की बात कही। इंटरव्यू के ठीक बाद सीएम फडणवीस ने फोन उठाया और आदेश दिए कि
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- अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ गठबंधन तुरंत तोड़ो।
- अकोट में AIMIM के साथ संबंध खत्म करो।
'अंबरनाथ विकास अघाड़ी'
हाल ही में हुए नगर परिषद चुनावों के बाद अंबरनाथ में BJP ने 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' का गठन किया। इस गठबंधन में BJP के 15 पार्षद, कांग्रेस के 12 पार्षद, अजित पवार गुट की एनसीपी के 4 पार्षद और एक निर्दलीय शामिल हैं। कुल मिलाकर यह गठबंधन 59 सदस्यीय परिषद में 32 पार्षदों के साथ बहुमत हासिल कर चुका है। एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना निकाय चुनाव में 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
BJP-कांग्रेस में कैसे हुआ गठबंधन?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जब अर्नब गोस्वामी ने गठबंधन पर सवाल किया, तो फडणवीस ने स्पष्ट किया कि उनकी जानकारी के अनुसार अंबरनाथ में BJP का गठबंधन अजित पवार गुट की एनसीपी के साथ था और शिवसेना से भी बातचीत चल रही थी, क्योंकि BJP और शिवसेना यहां सबसे बड़ी और दूसरी बड़ी पार्टी हैं। उन्होंने स्थानीय नेताओं के इस फैसले को गलत बताया और कहा कि वे इसकी जांच करेंगे, ऐसे गठबंधन को स्वीकार नहीं करेंगे।
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अर्नब गोस्वामी ने आगे पूछा कि यह गठबंधन कैसे हुआ? जिस पर फडणवीस ने जवाब देते हुए कहा, “छोटे शहरों में कई बार फैसले स्थानीय स्तर पर लिए जाते हैं। हमें सभी फैसले नहीं पता चलते। हमें बड़े फैसले मिलते हैं। कभी-कभी स्थानीय नेताओं में इतनी दुश्मनी होती है कि वे उन्हें बैठने नहीं देना चाहते, इसलिए वे किसी और को बिठा लेते हैं। लेकिन यह गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए।”
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 7 January 2026 at 14:51 IST