Delhi: केजरीवाल ने आतिशी को क्या कह दिया, LG हो गए आहत, कहा- पूर्व CM ने राष्ट्रपति और मेरा अपमान किया...

Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को चिट्ठी लिखकर उनकी तारीफ की है।

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Delhi LG VK Saxena and CM Atishi
Delhi LG VK Saxena and CM Atishi | Image: PTI

Delhi:  दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (VK Saxena) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी (Chief Minister Atishi) को चिट्ठी लिखकर उनकी तारीफ की है। एलजी ने सीएम आतिशी को नए साल की बधाई दी साथ ही उनके काम की तारीफ भी है। एलजी ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि सर्वप्रथम मैं आपको आगामी नववर्ष 2025 के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूं। मेरी कामना है कि आप सदैव स्वस्थ रहें और प्रगति के पथ पर अग्रसर हों।

दिल्ली एलजी ने लिखा कि आपको मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के अवसर पर भी मैंने आपको हृदय से बधाई और शुभकामनाए दी थीं, और तब से अब तक की अवधि में, मैंने अपने ढाई साल के कार्यकाल में पहली बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति को मुख्यमंत्री का काम करते देखा। जहाँ आपके पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री के पास सरकार का एक भी विभाग नहीं था और न ही वह फाइलों पर हस्ताक्षर किया करते थे, वहीं आपने अनेक विभागों का दायित्व लेते हुए प्रशासन के विभिन्न मुद्दों पर काम करने का प्रयास किया।

केजरीवाल का आपको अस्थायी मुख्यमंत्री कहना अपमानजनक- एलजी

वीके सक्सेना ने लिखा, "परन्तु कुछ दिन पूर्व, आपके पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा मीडिया में आपको सार्वजनिक रूप से एक अस्थायी काम चलाऊ मुख्यमंत्री घोषित किया जाना मुझे बहुत मुझे बहुत आपत्तिजनक लगा और में इससे आहत हुआ। यह न केवल आपका अपमान था, बल्कि आपकी नियोक्ता महामहिम भारत की राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधि के रूप में, मेरा भी अपमान था। अस्थायी अथवा काम चलाऊ मुख्यमंत्री की जो सार्वजनिक व्याख्या श्री केजरीवाल ने की, उसका कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है और यह बाबा साहब आम्बेडकर द्वारा रचित संविधान में निहित लोकतांत्रिक भावना और मूल्यों की निंदनीय अवहेलना भी है।"

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दिल्ली एलजी ने लिखा, "यह सर्वविदित है कि आपको किन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बनाया गया। पिछले दस सालों में यमुना की बदतर हालत हो या पीने के पानी की भयंकर कमी, कचरे के पहाड़ों का मुद्दा या औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, सड़कों और सीवर लाइन की दुर्दशा हो या स्वास्थ्य की चरमराती व्यवस्था, अनाधिकृत कालोनियों में सुविधाओं का घोर अभाव हो या झुग्गी बस्तियों में नारकीय जीवन, एक मुख्यमंत्री द्वारा, जिसको अस्थाई और काम चलाऊ घोषित किया जा चुका हो, तीन-चार महीने में कुछ भी कर पाना कितना संभव है, यह सभी जानते हैं। इन क्षेत्रों में अपनी विफलताओं को आपके नेता ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी किया है, परन्तु मुख्यमंत्री के रूप में अब इन सभी क्षेत्रों में विफलताओं की जिम्मेदारी आपकी ही मानी जायेंगी। जिस प्रकार से, केजरीवाल द्वारा, आपकी उपस्थिति में, अनाधिकृत रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं मुख्यमंत्री के नाम पर ही महिलाओं सम्बंधित योजना की हवाई घोषणाएं की रही हैं, इससे मुख्यमंत्री के पद तथा मंत्री परिषद् की गरिमा भी धूमिल हुई है।" 

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Published By:
 Deepak Gupta
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