दिल्ली चुनाव का जिक्र और केजरीवाल को समर्थन... अखिलेश यादव ने कर दिया कांग्रेस के जले पर नमक छिड़ने का काम!

अखिलेश यादव जिस तरह दिल्ली में कांग्रेस को दरकिनार कर एकतरफा AAP के समर्थन में खड़े हो चुके हैं तो उससे पार्टी की नाराजगी पहले भी देखी जा चुकी है।

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Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav
Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav | Image: Facebook

Delhi Election: दिल्ली के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन यहां INDI गठबंधन का हिस्सा अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी अरविंद केजरीवाल को समर्थन दे रही है। इससे कांग्रेस की सिर्फ आम आदमी पार्टी से नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के साथ भी दरार पड़ चुकी है। कांग्रेस के नेताओं ने पिछले दिनों अखिलेश यादव को उनके फैसले पर खुला चैलेंज भी दे दिया था। हालांकि समाजवादी पार्टी के मुखिया ने फिर से बयान देकर दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के जले पर नमक छिड़ने जैसा काम कर दिया है।

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में लगभग दो हफ्ते ही बचे हैं। उससे पहले INDI गठबंधन के दूसरे दलों ने दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की दुश्मनों को बढ़ा दिया है। खासकर अखिलेश यादव जब केजरीवाल के समर्थन में खड़े हो गए हैं तो ये कांग्रेस को कतई बर्दाश्त नहीं हुआ है। इसी बीच में अखिलेश यादव ने फिर से कह दिया है कि जो बीजेपी को हराएगा हम उनके साथ है। दिल्ली में हमारा समर्थन आम आदमी पार्टी को है।

कांग्रेस की नाराजगी का अखिलेश पर कोई असर नहीं?

अखिलेश यादव जिस तरह दिल्ली में कांग्रेस को दरकिनार करके एकतरफा आम आदमी पार्टी के समर्थन में खड़े हो चुके हैं तो उससे कांग्रेस की नाराजगी सार्वजनिक तौर पर देखी जा चुकी है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को गठबंधन तोड़ने तक का चैलेंज दे दिया था। अखिलेश के लिए मसूद ने बयान में कहा था कि वो उत्तर प्रदेश में भी कहें कि हम कांग्रेस के साथ नहीं रहेंगे, तब उन्हें समझ में आएगा। हालांकि अखिलेश यादव ने फिर से आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर कहीं ना कहीं ये भी स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस की नाराजगी का उन पर कोई असर नहीं है।

अखिलेश यादव के फैसले के मायने क्या?

एक सवाल यहां ये उठता है कि अखिलेश यादव के फैसले से क्या ये मान लिया जाए कि दिल्ली में कांग्रेस के लिए हालात अनुकूल नहीं है और वो बीजेपी के साथ लड़ने की स्थिति में भी नहीं है। वैसे दिल्ली में मुकाबला त्रिकोणीय है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को हराने की कोशिश में लगी है। असल में यहां कांग्रेस की लड़ाई भी आम आदमी पार्टी से है। इन स्थिति में अखिलेश यादव कांग्रेस का साथ ना देकर आम आदमी पार्टी के साथ खड़े हो चुके हैं। बहरहाल, अखिलेश के नए बयान पर कांग्रेस की अगली प्रतिक्रिया क्या रहती है, ये देखना दिलचस्प होगा।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड