दिल्ली में चुनाव नतीजों के बाद फिर साथ आएंगी AAP-कांग्रेस? संसद में भी उठने लगी बात, रामदास अठावले का बयान चर्चा में

2013 में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन सरकार बना चुकी हैं। त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में कांग्रेस के सहयोग से अरविंद केजरीवाल ने पहली बार सरकार बनाई थी।

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Rajya Sabha
राज्यसभा में कांग्रेस-AAP अलायंस पर सवाल किया गया. | Image: Sansad TV

AAP-Congress Alliance: दिल्ली में अगले 48 घंटे में स्पष्ट हो जाएगा कि अगली सरकार किसकी बन रही है? राजनीतिक पंडितों के शास्त्र और एग्जिट पोल के नंबर दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने का संकेत दे रहे हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी का भी बहुमत के इर्द-गिर्द ही आंकड़ा लगभग हर कोई मानकर चल रहा है। खैर, सवाल ये खड़ा हो गया है कि कांग्रेस के हाथ एक दो सीट जीतने और आम आदमी पार्टी को एक दो सीट बहुमत से कम आने की स्थिति में ये दोनों पार्टियों फिर से एक हो जाएंगी। दिल्ली में गतगणना से दो दिन पहले देश की संसद में भी ये सवाल उठा है।

दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि आम आदमी पार्टी ने 2013 में कांग्रेस के खिलाफ ही पहला चुनाव लड़ा था और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में कांग्रेस के सहयोग से ही अरविंद केजरीवाल ने पहली बार सरकार बनाई थी। ऐसे में 2025 में अगर स्थिति बनती भी है तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साथ आने की लगभग पूरी संभावनाएं हैं। खैर, इसको लेकर गुरुवार को संसद में विपक्षी दलों से ही सत्ता पक्ष ने ये सवाल पूछ लिया।

रामदास अठावले ने राज्यसभा में कांग्रेस से किया सवाल

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस में अपना जवाब रख रहे थे। रामदास अठावले ने पहले कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले किए और उसी बीच आम आदमी पार्टी की ओर भी तीखे सवाल दाग दिए। एक तरीके से यहां रामदास अठावले ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की जख्मों पर नमक रगड़ दिया।

अठावले ने कहा कि नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए सभी दल एक साथ आए, लेकिन अब अलग-अलग हो गए। अभी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी एक साथ नहीं आ सकती हैं। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश से पूछ लिया कि क्या कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक साथ आने वाली हैं। विपक्ष की तरफ से भी जवाब आया और इसके बाद रामदास अठावले ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि ठीक बात है, अगर आती हैं तो आइए। अगर विपक्ष के दल इकट्ठा आते हैं तो ये अच्छी बात है। लोकतंत्र में सबको इसका अधिकार है।

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AAP-कांग्रेस ने दिल्ली में एक दूसरे के खिलाफ लड़ा चुनाव

2025 का विधानसभा चुनाव दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने अलग-अलग लड़ा है। अरविंद केजरीवाल ने लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद ही कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने का ऐलान किया था। ऐसे में दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक दूसरे लड़ाई में उतरीं। भारतीय जनता पार्टी की मजबूत मौजूदगी से यहां मुकाबला त्रिकोणीय रहा है। दिल्ली में 5 फरवरी को 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए, जिसके नतीजे 8 फरवरी को आने वाले हैं। बहरहाल, देखना है कि चुनाव परिणामों के बाद दिल्ली का राजनीतिक परिदृश्य क्या रहता है?

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Published By :
Dalchand Kumar
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