राहुल गांधी से मिले PM मोदी के मंत्री तो AAP को लगी मिर्ची, INDI गठबंधन में फूट, सौरभ भारद्वाज बोले- वह जंतर मंतर नहीं जाना चाहते बल्कि...

राहुल गांधी ने जब कल (मंगलवार) छात्रों की आड़ में अपनी राजनीतिक चाल चली थी तो आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए कि उन्होंने सीजेआई के प्रदर्शन को कमजोर किया है।

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Saurabh Bhardwaj Rahul Gandhi
Saurabh Bhardwaj Rahul Gandhi | Image: ANI/X

AAP Attacked on Congress: नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सीजेपी से अलग जाकर पीएम आवास के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य नेता शामिल हुए। इस प्रदर्शन में कांग्रेस को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का भी साथ मिला, जो खुद इस धरने में शामिल हुए। हालांकि, इस प्रदर्शन ने 'इंडी' गठबंधन के भीतर की कड़वाहट को भी उजागर कर दिया।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने खुद को इस प्रदर्शन से पूरी तरह दूर रखा। इतना ही नहीं, 'आप' ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की इस चाल ने सीजेपी के प्रोटेस्ट को कमजोर कर दिया है, जो और बड़ा रूप ले सकता था।

पहले सरकार से की मांग, फिर पलट गई कांग्रेस

अकबर रोड पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर पैदा हुई स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने सक्रियता दिखाई। पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन खुद धरना स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से बातचीत की और धरना खत्म करने का आग्रह किया। मगर, राहुल गांधी ने शर्त रखी कि अगर सरकार संसद में नीट परीक्षा और उससे जुड़े छात्र आंदोलन पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार हो जाती है तो वे तुरंत धरना समाप्त कर देंगे। हालांकि, चर्चा का आश्वासन मिलने के बाद भी राहुल गांधी अपनी बात से मुकर गए। उन्होंने तुरंत अपनी मांग बदलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई शर्त जोड़ दी। इस पर उन्हें याद दिलाया गया कि वे अपनी पहले की मांग से मुकर रहे हैं तो उन्होंने इसे अपनी मर्जी करार दिया।

कांग्रेस ने CJP के प्रदर्शन को कमजोर किया- संजय 

अब कांग्रेस के प्रदर्शन पर आम आदमी पार्टी ने उनका घेराव किया है। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, 'CJP के धरने को कमजोर करने के लिए मोदी जी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बिठा दिया।' इसके जवाब में कांग्रेस नेता बी वी श्रीनिवास ने कहा, 'आपके धुंआ क्यों निकल रहा है? ये Tweet मालवीय ने लिखा या चड्डा ने?'

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कांग्रेस और BJP एक- आतिशी

वहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और AAP नेता आतिशी ने ट्वीट कर लिखा, 'एक और दिलचस्प बात: वही दिल्ली पुलिस जो CJP को संसद की ओर 100 मीटर भी नहीं बढ़ने दे रही थी, उसने राहुल गांधी को PM आवास के ठीक बाहर तक पहुंचने दिया! क्या हमें इस बात का और कोई सबूत चाहिए कि कांग्रेस और BJP एक ही हैं?'

सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?

AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'मोदी सरकार ने एक महीने तक 'कॉकरोच मूवमेंट' को नजरंदाज किया और कोई भी जंतर-मंतर नहीं गया। वहीं, राहुल गांधी से मिलने के लिए विरोध-प्रदर्शन शुरू होने के सिर्फ एक घंटे के अंदर दो मंत्री और दो सेक्रेटरी पहुंच गए। राहुल गांधी जंतर-मंतर पर नहीं जाना चाहते, बल्कि वह चाहते हैं कि लोग उनके 100 लोगों वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल हों।'

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'विपक्ष के नेता से डरी दिख रही सरकार'

PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने लिखा, 'राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की शर्मनाक गिरफ्तारी भारत के लोकतंत्र पर एक और दाग है। जो सरकार सवालों से डरती है, वह अक्सर अपने आलोचकों की आवाज दबाने का रास्ता अपनाती है। विडंबना यह है कि 'जेन ज़ेड' (Gen Z) के लिए राहुल गांधी का संदेश 'डरो मत' अब खुद उन पर ही लागू हो रहा है। आज सरकार ही विपक्ष के नेता से डरी हुई दिख रही है। लोकतंत्र का गला जबरदस्ती घोंटा जा रहा है। अब सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ आवाज उठाने का समय आ गया है।'

ये प्रदर्शन सत्ता के लिए सीधी चुनौती- मनोज झा

RJD सांसद मनोज झा ने कहा, 'मैं आपको एक बात बताता हूं, बात सिर्फ विपक्ष के एकजुट होने की नहीं है; मैंने पिछले 20 सालों में कई विरोध प्रदर्शन देखे हैं। मैं यूनिवर्सिटी लेवल पर इन विषयों का अध्ययन भी करता हूं, फिर भी मैंने लोगों का ऐसा स्वाभाविक और स्वतःस्फूर्त जमावड़ा कभी नहीं देखा। यह सत्ता के लिए एक सीधी चुनौती है। आप चाहे कितनी भी कोशिश कर लें चीजों को छिपाने की। बस जवाबदेही से शुरुआत कीजिए।'

कांग्रेस पर बीजेपी का प्रहार

इसे लेकर बीजेपी सांसद मदन राठौड़ ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और उसके सहयोगी वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल हंगामा करने में यकीन रखते हैं। संसद में रचनात्मक बहस की बजाय विरोध प्रदर्शन को प्राथमिकता देना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।'

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड