'नरोत्तम मिश्रा की टिकट क्या कटी, BJP की पोल खुल गई', दतिया टिकट विवाद पर कांग्रेस ने किया कटाक्ष, कहा- दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए ऐन वक्त पर बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर कांग्रेस ने चुटकी ली है। आशुतोष तिवाराी को उपचुनाव का टिकट दिए जाने के बाद जमकर बवाल हुआ। अब इस घटनाक्रम पर पवन खेड़ा ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत।
- भारत
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Congress Attacked on BJP: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद खूब बवाल हुआ। कद्दावर नेता को टिकट नहीं दिए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई। शुक्रवार को करीब 3,000 हजार से ज्यादा नाराज समर्थकों ने हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब 12 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। हालात ऐसे हो गए कि काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े। पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिसमें आधा दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस अंदरूनी कलह और हंगामे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन व राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'नरोत्तम मिश्रा की टिकट क्या कटी, BJP की पोल खुल गई। जो पार्टी हर रोज दूसरों को 'अनुशासन' और 'उच्च चरित्र' का पाठ पढ़ाती है, आज अपनी ही पार्टी द्वारा अपनी ही पार्टी के खिलाफ पथराव और हंगामा करती पकड़ी गई।'
दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत- पवन खेड़ा
उन्होंने आगे तंज कसते हुए लिखा, 'दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत। भाजपाई बड़े खुश होकर एक दूसरे को कह रहे हैं- बधाई हो, लोकतंत्र हुआ है।'
BJP में आगे बढ़ने पर नीचे गिराया जाता है- उदित राज
पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता और नेता उदित राज ने भी चुटकी लेते हुए कहा, 'भारतीय जनता पार्टी में आगे बढ़ने वाले किसी भी व्यक्ति को नीचे गिराने का कल्चर है। अगर कोई व्यक्ति जरा भी आगे बढ़े तो उसका पर कतर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, शिवराज सिंह चौहान लगभग 9 लाख वोटों से जीते थे, लेकिन उन्होंने उनका कद कम कर दिया। उन्हें केंद्र में भेज दिया गया।'
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'नरोत्तम मिश्रा को उनकी हैसियत…'
उदित राज ने आगे कहा, 'मोहन यादव से पहले, नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश के सबसे जाने-माने नेताओं में से एक थे, हालांकि वे विवादित सांप्रदायिक बयान देने के लिए भी जाने जाते थे। बीजेपी में जो भी बड़ा दिखता है, उसे उसकी औकात दिखा दी जाती है। वहां कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। नरोत्तम मिश्रा की स्थिति यही दिखाती है। ये कई पार्टी नहीं है, बल्कि दो लोगों का गिरोह है।'
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा 2008 से लगातार दतिया से विधायक चुने जाते रहे थे, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती के हाथों उन्हें करीब 7,742 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। भारती को बैंक फ्रॉड मामले में अदालत से सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते यह सीट खाली हुई और उपचुनाव की नौबत आई।
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नरोत्तम मिश्रा नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत से ही दतिया में सक्रिय नजर आ रहे थे। उनके समर्थकों को पूरा यकीन था कि पार्टी एक बार फिर उन्हीं पर दांव लगाएगी। मगर पार्टी आलाकमान ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए आशुतोष तिवारी को मैदान में उतार दिया। इस नाम के ऐलान के बाद से दतिया में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।