सरकार संसदीय समिति की सिफारिशों पर विचार करे और एमएसपी की कानूनी गारंटी दे: कांग्रेस
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि किसान विरोधी मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को दिए जा रहे बोनस बंद कर दिए।
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कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर किसानों की पीड़ा की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि संसद की कृषि संबंधी स्थायी समिति की अनुशंसाओं पर विचार करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए। पार्टी नेता अभय दुबे ने यह भी कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार, एमएसपी तय किया जाना चाहिए।
अभय दुबे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारत सरकार ने 22 जुलाई, 2022 को एक समिति बनाई और कहा था कि हम समर्थन मूल्य को पारदर्शी और प्रभावशाली बनाने के लिए एक समिति बनाएंगे। 22 फरवरी, 2025 तक इस समिति की करीब सात बैठकें और उप समिति की 39 बैठकें हुई हैं।’’ उन्होंने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से जुड़े एक हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘एक तरफ 22 फरवरी को देश के कृषि मंत्री भोपाल से दिल्ली के लिए उड़ान भरते हैं। यात्रा में उन्हें विमान की कुर्सी पर बैठने में तकलीफ होती है और वे सोशल मीडिया पर कोहराम मचा देते हैं। दूसरी तरफ, किसान बीते कई साल से यातनाएं भोग रहे हैं, लेकिन उनके बारे में कोई बात ही नहीं करता।’’
दुबे ने आरोप लगाया कि किसान विरोधी मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को दिए जा रहे बोनस बंद कर दिए, भूमि का अधिकार छीनने का क्रम शुरू कर दिया और लागत के 50 प्रतिशत से ऊपर समर्थन मूल्य देने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, संसद की कृषि से संबंधित स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी दिए बिना किसानों की आमदनी का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को एमएसपी की कानूनी गारंटी देनी चाहिए।