'मैं माफी नहीं मांगूंगा...', डिप्टी CM शिंदे को 'गद्दार' कहने वाले कामरा ने दिया रिएक्शन, कहा- नेताओं का मजाक उड़ाना गलत नहीं

कॉमेडियन कुणाल कामरा का पहला रिएक्शन सामने आया है। कॉमेडियन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कहा कि मैं माफी नहीं मांगूंगा। नेताओं का मजाक उड़ाना गलत नहीं है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Kunal Kamra controversy
विवादों के बाद कुणाल कामरा ने जारी किया बयान। | Image: X

कॉमेडी की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले कुणाल कामरा ने अपने स्टैंडअप कॉमेडी के नाम पर एक बार फिर से विवादों को जन्म दे दिया। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कहने वाले कामरा ने पहला रिएक्शन दिया है। कॉमेडियन कामरा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर अपना बयान दर्ज कराई है। कॉमेडी के नाम पर किसी पार्टी के विरूद्ध बोलना और फिर विवाद में पड़ने पर संविधान के फ्रीडम और स्पीच का हवाला देना, देश में आजकल एक नया ट्रेंजड बन गया है।

कामरा ने स्टेटमेंट जारी कर कहा, "मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैंने जो कहा, वह मेरी राय है, और मैं इसके लिए किसी से माफी नहीं मांगूंगा। मैं अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करता हूं, और मैं इसके लिए लड़ूंगा। जो लोग मुझे धमकी दे रहे हैं और मेरे खिलाफ हिंसा की वकालत कर रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि मैं एक नागरिक हूं और मेरे अधिकार हैं। मैं अपने अधिकारों के लिए लड़ूंगा और मैं अपनी आवाज उठाता रहूंगा।"

हैबिटेट में तोड़फोड़ करने वालों पर कुणाल का बयान

कुणाल ने कहा, "उस भीड़ के लिए जिसने यह तय किया कि हैबिटेट को नहीं खड़ा होना चाहिए: मनोरंजन स्थल केवल एक मंच है। सभी प्रकार के शो के लिए एक स्थान। हैबिटेट (या कोई अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही उसके पास इस बात पर कोई पावर या कंट्रोल है कि मैं क्या कहता हूं या करता हूं। न ही किसी राजनीतिक दल के पास। एक कॉमेडियन के शब्दों के लिए किसी स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है जितना कि टमाटर ले जा रहे ट्रक को पलटना, क्योंकि आपको परोसा गया बटर चिकन पसंद नहीं आया।"

नेताओं का मजाक उड़ाना कानून के विरूद्ध नहीं: कुणाल कामरा

दूसरे बयान में कुणाल ने कहा, "मुझे सबक सिखाने की धमकी देने वाले राजनीतिक नेताओं के लिए: भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हमारे अधिकार का उपयोग केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज का मीडिया हमें कुछ और विश्वास दिलाए। एक शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति की कीमत पर मजाक को बर्दाश्त न कर पाने की आपकी अक्षमता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती। जहां तक मुझे पता है, हमारे नेताओं और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के सर्कस का मजाक उड़ाना कानून के विरुद्ध नहीं है।"

Advertisement

उसने कहा कि हालांकि, मैं अपने खिलाफ की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और कोर्ट के साथ सहयोग करने को तैयार हूं। लेकिन क्या कानून उन लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और समान रूप से लागू होगा जिन्होंने यह तय किया है कि मजाक से आहत होने पर तोड़फोड़ उचित प्रतिक्रिया है? और बीएमसी के उन अनिर्वाचित सदस्यों के खिलाफ, जो बिना किसी पूर्व सूचना के आज हैबिटेट पहुंचे और हथौड़ों से जगह को तोड़ दिया? शायद अपने अगली जगह के लिए, मैं एलफिंस्टन ब्रिज या मुंबई में किसी अन्य संरचना का चयन करूंगा जिसे शीघ्र गिराने की जरूरत है।

कुणाल ने नंबर लीक करने का लगाया आरोप

कॉमेडियन ने मोबाइल नंबर लीक होने का दावा करते हुए कहा कि जो लोग मेरा नंबर लीक करने या मुझे लगातार कॉल करने में व्यस्त हैं: मुझे यकीन है कि अब तक आपको एहसास हो गया होगा कि सभी Unknown कॉल मेरे वॉयसमेल पर जाते हैं, जहां आपको वही गाना सुनाया जाएगा जिससे आप नफरत करते हैं। इस सर्कस की ईमानदारी से रिपोर्टिंग करने वाले मीडिया के लिए: याद रखें कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता 159वें स्थान पर है। मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैंने जो कहा वह बिल्कुल वही है जो अजित पवार (पहले उपमुख्यमंत्री) ने एकनाथ शिंदे (दूसरे उपमुख्यमंत्री) के बारे में कहा था। मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बिस्तर के नीचे छिपकर इस घटना के शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा।

Advertisement

इसे भी पढ़ें: 'गद्दार नजर वो आए...'एकनाथ शिंदे पर कुणाल कामरा का कमेंट, शिवसेना का फूटा गुस्सा, स्टूडियो में तोड़फोड़; गिरफ्तारी की मांग
 

Published By:
 Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड