अपडेटेड 25 September 2024 at 07:15 IST

कंगना रनौत के 'कृषि कानून' वापस लाने वाले बयान पर आया BJP का रिएक्शन, कहा- ये उनका...

कंगना रनौत के तीनों कृषि कानूनों को बहाल करने वाली मांग के बयान से बीजेपी ने खुद को अलग कर लिया है। भाजपा का कहना है कि यह उनके निजी विचार है।

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Kangana Ranaut
कंगना रनौत | Image: Instagram

Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी ( BJP ) सांसद कंगना रनौत अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं। अब हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने एक बार फिर 'तीनों कृषि कानून' को वापस लाने का जिक्र कर भारतीय जनता पार्टी को परेशानी में डाल दिया है। हालांकि बीजेपी ने उनके इस बयान को कंगना का निजी विचार बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है।

कंगना रनौत ने कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की वकालत ऐसे समय में की है, जब हरियाणा में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। उनकी इस टिप्पणी से बीजेपी समेत NDA की सहयोगी पार्टियां भी किनारा कर रही हैं। कंगना रनौत के बयान पर भाजपा का कहना है कि इस मुद्दे पर बोलने के लिए उन्हें पार्टी की ओर से अधिकृत नहीं किया गया है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, 'सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर, केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए गए कृषि बिलों पर भाजपा सांसद कंगना रनौत का बयान वायरल हो रहा है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान उनका निजी बयान है। कंगना रनौत भाजपा की ओर से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं और यह कृषि बिलों पर भाजपा के दृष्टिकोण को नहीं दर्शाता है। हम इस बयान को अस्वीकार करते हैं।'

वहीं भाजपा प्रवक्ता का वीडियो अपने एक्स हैंडल पर शेयर करते हुए कंगना ने लिखा, 'बिल्कुल, किसान कानूनों पर मेरे विचार निजी हैं और वे उन विधेयकों पर पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। धन्यवाद।'

कंगना रनौत ने क्या कहा था?

बता दें कि हिमाचल प्रदेश के मंडी से BJP सांसद कंगना रनौत ने विवादित तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने की बात कही है। उन्होंने मांग की है कि उन 3 कृषि कानूनों को दोबारा लाना चाहिए, जिन्हें केंद्र सरकार ने भारी विरोध के बाद वापस ले लिया था। हालांकि, कृषि कानूनों पर अपनी राय रखते हुए बीजेपी सांसद ने ये भी कहा कि उनका ये बयान कंट्रोवर्शियल हो सकता है, लेकिन किसानों के हितकारी ये कानून वापस आने चाहिए। कंगना ने यहां तक कह दिया कि किसानों को खुद इसकी मांग करनी चाहिए। देश के विकास में किसान एक मुख्य पिलर हैं और मैं चाहती हूं जो तीन कानून हैं, जिनपर कुछ राज्यों ने आपत्ति जताई थी, वह लागू होने चाहिए।

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2021 में वापस हुए थे कृषि कानून

तीन कृषि कानूनों के विरोध में कई राज्यों के किसानों ने दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर जमकर विरोध किया था। किसान आंदोलन को लेकर दिए गए कंगना रनौत के बयान लगातार विवादों में रहे हैं। किसानों के लगातार विरोध के चलते केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2021 में तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद तीनों कानून कृषि वापस लेने की घोषणा की थी।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 25 September 2024 at 07:13 IST