बांसुरी स्वराज ने CM की पत्नी सुनीता से जताई संवेदना, कहा- 'वेदना के लिए खुद केजरीवाल जिम्मेदार'
बांसुरी स्वराज ने सीएम की पत्नी सुनीता केजरीवाल से संवेदना जताते हुए कहा, 'मैं सुनीता केजरीवाल जी के बाध्यता और वेदना को में समझ सकती हूं।'
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आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के चर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 9 बार समन जारी करने के बाद भी नहीं उपस्थित होने पर गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद विपक्ष के सियासी दलों में खलबली मच गई है। कोई उनकी गिरफ्तारी को लेकर सही बता रहा है तो कोई उन्हें नैतिकता के तौर पर इस्तीफा देने की बात कहा रहा है। वहीं बीजेपी नेता बांसुरी स्वराज ने सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी से संवेदना जताई है।
बीजेपी नेता बांसुरी स्वराज ने सीएम की पत्नी सुनीता केजरीवाल से संवेदना जताते हुए कहा, 'मैं सुनीता केजरीवाल जी के बाध्यता और वेदना को में समझ सकती हूं। उनकी व्यक्तिगत वेदना के लिए सिर्फ केजरीवाल ही जिम्मेदार हैं। अरविन्द केजरीवाल जी की जवाबदेही बनती है कि वो दिल्ली जी जनता को जवाब दें। अपनी पत्नी और अपने बच्चे के प्रति केजरीवाल की जवाबदेही बनती है।'
कांग्रेस ने भी बोला केजरीवाल पर हमला
अरविंद केजरीवाल को लेकर इस समय ऐसा नहीं है कि सिर्फ बीजेपी ही निशान साध रही हो कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने भी अरविंद केजरीवाल पर इस्तीफा नहीं देने की वजह से निशाना साधा है। उन्होंने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि जिसने कहा कट्टर ईमानदार उसने नैतिकता का कोई भी प्रदर्शन नहीं किया है। उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देनी चाहिए ऐसी उनसे मेरी व्यक्तिगत तौर पर अपेक्षा थी और रहेगी। जेल में तो वो व्यक्ति रहता है जो जा भुगतता है क्या ये लीगली या प्रैक्टिकली पॉसिबल है जिसे सरकार चलानी चाहिए उसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
एक्स पोस्ट पर बोला केजरीवाल पर हमला
कांग्रेस नेता ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए। भारत की राजनीति में महज 11 साल पुरानी पार्टी राजनीति के पूरी तरह अनैतिक हो जाने की एक मिसाल पेश कर रही है। हम अपने-अपने राजनीतिक कुनबे के हिसाब से पूरी घटना पर स्टैंड ले रहे हैं, पर ख़तरा यह है कि केजरीवाल जी की अपनी कुर्सी से चिपके रहने की जिद आगे जाकर भारतीय राजनीति को और खोखली कर देगी। इस खतरे को राजनीति से ऊपर उठकर भांपने की आवश्यकता है।'