'इंदिरा गांधी होतीं तो BJP पर बैन लगा देतीे, शहीद हो गईं लेकिन खालिस्तान नहीं...', INDI की वकालत करते-करते अशोक गहलोत ने साधा निशाना

Ashok Gehlot target BJP: राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जयपुर में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली बीजेपी पर बैन लगा देतीं।

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Ashok Gehlot on BJP
Ashok Gehlot on BJP | Image: ANI

Ashok Gehlot target BJP: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने रविवार (14 जून) को BJP पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए गहलोत ने देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने INDI गठबंधन की वकालत करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब आगामी राजनीतिक मुकाबला 'कांग्रेस vs सब' होने के बजाय 'BJP vs सब' होना चाहिए। 

“भाजपा पर बैन लगा देतीं इंदिरा गांधी” 

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर का जिक्र करते हुए अशोक गहलोत ने BJP की विचारधारा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर धार्मिक ध्रुवीकरण करती है ताकि नागरिकों को दिखा सके कि वह एक 'हिंदुत्व' वाली पार्टी है। गहलोत ने कहा, "अगर इंदिरा गांधी जैसी नेता आज जिंदा होतीं और सत्ता में होतीं, तो वह भाजपा जैसी पार्टी पर बैन लगा देतीं।" 

उन्होंने जोर देकर कहा कि वे सिर्फ हिंदुत्व और धर्म के आधार पर राजनीतिक दल नहीं चला सकते, क्योंकि हमारा संविधान धर्म के नाम पर राजनीति करने की इजाजत बिल्कुल नहीं देता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इंदिरा गांधी देश की अखंडता के लिए शहीद हो गईं, लेकिन उन्होंने खालिस्तान नहीं बनने दिया। 

संजय राउत के विचार का किया समर्थन

अशोक गहलोत ने विपक्षी मोर्चे को और अधिक मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया और इसके लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम को आगे बढ़ाया। उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के उस विचार का खुलकर समर्थन किया, जिसमें राउत ने कहा था कि कांग्रेस से अलग हुए सभी दलों को वापस एक साथ आ जाना चाहिए।

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राहुल गांधी को बनाया जाए 'INDI' गठबंधन का चेहरा

गहलोत ने कहा, "मेरा मानना है कि INDI गठबंधन को खुले तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करना चाहिए और उन्हें चेहरा बनाकर देश के सामने पेश करना चाहिए। देश के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच एक स्पष्ट राजनीतिक मुकाबला होना चाहिए।" 

राहुल गांधी की तारीफ करते हुए उन्होंने उन्हें एक निडर और साहसी नेता बताया, जो संसद के अंदर और बाहर बिना डरे PM मोदी की आंखों में आंखें डालकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सवाल पूछते हैं।

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Published By:
 Shashank Kumar
पब्लिश्ड