Asaduddin Owaisi: न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर भड़के ओवैसी, कहा- अभी पढ़ा नहीं, संभल BJP और RSS के निशाने पर है
संभल में 24 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा को लेकर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भाजपा और RSS पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का गुस्सा फूटा।
- भारत
- 2 min read

संभल में 24 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा को लेकर 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इस रिपोर्ट को लेकर AIMIM पार्टी के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर निशाना साधा है। रिपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने इसे पढ़ा नहीं है।
ओवैसी ने कहा, "मैंने अभी रिपोर्ट पढ़ी नहीं है। संभल बीजेपी और आरएसएस के निशाने पर है। इंसाफ की लड़ाई कोर्ट में लड़ी जा रही है, कोर्ट से उम्मीद है। हमें इंसाफ की उम्मीद बीजेपी, पीएम मोदी और सीएम योगी से नहीं हो सकती है। संभल में जो कुछ हो रहा है, लोगों की वहां पर पुलिस फायरिंग में हत्या हुई है। जाहिर है, रिपोर्ट क्या आएगी, कौन से रिपोर्ट में क्या निकलेगा, हमको मालूम है। संभल में आपका हिन्दुत्व का एजेंडा है।"
रिपोर्ट में संभल की डेमोग्राफी में बदलाव
3 सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 1947 में संभल नगर पालिका क्षेत्र में हिंदू आबादी 45% थी, जबकि मुस्लिम आबादी 55% थी। वहीं वर्तमान समय में यहां हिंदू आबादी घटकर 15-20% रह गई जबकि मुस्लिम आबादी 80-85% तक पहुंच गई है। न्यायिक आयोग ने इस बदलाव के लिए तुष्टिकरण की राजनीति, योजनाबद्ध दंगों और डर के माहौल को जिम्मेदार ठहराया।
1947 से 2019 तक हर दंगे में मारे गए हिंदू
बता दें, इस रिपोर्ट में 1947 से 2019 तक संभल में हुए 15 बड़े दंगों की डिटेल्स दी गई है। इन दंगों में हिंदू समुदाय को सबसे अधिक नुकसान हुआ। संभल में आजादी के बाद 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001 और 2019 में हुए दंगों में हिंदू मारे गए। पठान और तुर्क के आपसी संघर्षों में हमेशा से संभल जलता रहा, लेकिन हर दंगे में सिर्फ हिंदू मारे जा रहे हैं। इस बार भी हिन्दुओं को मारे जाने की प्लानिंग थी। दंगा करने के लिए बलवाइयों को बाहर से बुलाया गया था। लेकिन हिंदू मोहल्लों में पुलिस की मौजूदगी के कारण इस बार हिंदू बच गए।